2000 के नोटों की तंगी, RBI ने घटाई आपूर्ति

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देश के कई इलाकों में बैंक नकदी की उपलब्धता कम होने की स्थिति से जूझ रहे हैं। 

मुंबई। हाल के हफ्तों में 2000 रुपये के नोटों की बहुत अधिक तंगी ने बैंकरों और एटीएम ऑपरेटरों को मुश्किल में डाल दिया है, जो पहले ही देश के कई इलाकों में नकदी की उपलब्धता कम होने की स्थिति से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि नकदी का इस्तेमाल बढ़ने और उसकी होर्डिंग के कारण तंगी की स्थिति बन रही है।

बैंकरों और एटीएम सर्विस देने वालों का कहना है कि सर्कुलेशन में 2000 रुपये के नोटों की संख्या में बहुत कमी आई है। आरबीआई की ओर से नए नोटों की आपूर्ति हाल के सप्ताहों में घटी है। इससे यह अटकल लगने लगी है कि ज्यादा वैल्यू के नोटों का सर्कुलेशन घटाने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है।

एसबीआई के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नीरज व्यास ने कहा, ‘अभी हमें आरबीआई से हाई वैल्यू करंसी में 500 रुपये के नोट मिल रहे हैं। 2000 रुपये के नोट हमारे काउंटर्स पर रीसर्कुलेशन के जरिए आ रहे हैं।’ एसबीआई के देश में लगभग 58,000 एटीएम हैं।

एसबीआई ने अपने कुछ एटीएम में 2000 रुपये के नोटों के करंसी कैसेट्स को 500 रुपये के नोटों के लिए रीकैलिब्रेट भी किया है ताकि एटीएम में ज्यादा कैश रखा जा सके। इस मामले में कॉमेंट के लिए आरबीआई को भेजी गई ईमेल का जवाब नहीं मिला।

हालांकि, आरबीआई 500 रुपये के नोट सप्लाइ कर रहा है ताकि पिछले साल नोटबंदी के दौरान दिखी कैश क्राइसिस जैसी स्थिति न बने। बैंकरों का कहना है कि ऐसा करना आरबीआई की इस स्ट्रैटेजी का हिस्सा हो सकता है कि सर्कुलेशन में हाई-वैल्यू करंसी के टोटल अमाउंट पर कंट्रोल रखा जाए।

देश में बैंकों ओर से करीब 60,000 एटीएम मैनेज करने वाली एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नॉलजीज के एमडी रवि गोयल ने कहा, ‘2000 रुपये के नोटों की सप्लाइ में निश्चित तौर पर कमी आई है, लेकिन ओवरऑल सप्लाइ ठीक है क्योंकि बैंक 500 रुपये के नोट पर्याप्त मात्रा में दे रहे हैं। ये कस्टमर के लिए सुविधाजनक भी हैं।’

बैंकरों ने कहा कि पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के ऐलान के तुरंत बाद आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट छापने शुरू किए थे और हो सकता है कि अब इनकी सप्लाइ ऐसे लेवल पर पहुंच गई हो, जिससे आरबीआई असहज महसूस कर रहा हो। यह कम वैल्यू के नोट ज्यादा प्रिंट करने की सोची-समझी रणनीति के तहत किया जा रहा होगा। आरबीआई जल्द 200 रुपये के नोट जारी कर सकता है।

देश में 50,000 से ज्यादा एटीएम मैनेज करने वाली हिताची पेमेंट सर्विसेज के एमडी लोनी एंटनी ने कहा, ‘अभी मार्केट में एक नई बात दिख रही है कि 2000 रुपये के नोट एटीएम में रखने के लिए नहीं आ रहे हैं और इसके साथ ही नोटबंदी के बाद एटीएम से कैश विदड्रॉल का औसत साइज 12 पर्सेंट बढ़ गया है।’