बजट/ चम्बल का पानी दूसरी जगह ले जाने के प्रस्ताव पर व्यापार महासंघ का विरोध

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    कोटा। कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रस्तुत बजट 2020 में देश में चल रही आर्थिक मंदी की साफ झलक दिखी है। बजट में चम्बल के पानी को दूसरी जगह ले जाने का जो प्रस्ताव लिया है, उसका व्यापार महासंघ ने विरोध किया है।

    बजट में स्टार्ट-अप के लिए 75 करोड़ का प्रावधान एवं 130 करोड़ की राहत दी गई है जो सराहनीय कदम है। सिंगल विण्डो की जगह नये बोर्ड की घोषणा की गई है, जिसमे नये उद्योेगो की स्थापना के लिये नया उद्योग बोर्ड बनाया जायेगा। ओद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किये जाने की घोषणा की गई है जो स्वागत योग्य है।

    DLC दरों में कमी का सुझाव
    जैन एवं माहेश्वरी ने बताया की बजट में रियलस्टेट में भारी मंदी को देखते हुए DLC रेट में 10 प्रतिशत की छूट एवं 2021 तक रेट नहीं बढ़ाने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व मे DLC की रेट 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई थी। सरकार को चाहिए कि रियल एस्टेट को प्रोत्साहन देने के लिये पूर्व में बढ़ाई गई DLC रेट वापस लेनी चाहिए थी। साथ ही भवन अनुज्ञा में 2 प्रतिशत की छूट दी गई है एवं राज्य में पर्यटन के लिए 100 करोड़ के विकास की घोषणा की गई है, जो स्वागत योग्य कदम है।

    उद्योगों के लिए राहत पैकेज की घोषणा नहीं
    स बजट में जो प्रस्ताव लिये गये है उसमें व्यापार उद्योग जगत की मंदी साफ दिखाई दे रही है, जिसको दूर करने के लिये राज्य सरकार को कोई राहत पैकेज की घोषणा की जानी थी, जिस पर कोई अमल नही किया गया है। बजट में ओद्योगिक वातावरण को पुनर्जीवित करने की मंशा दिखाई गई है, उसे शीघ्र अमल में लाया जाना चाहिए। बजट मे वैट एवं मिसमेच के पुराने लम्बित मामलो का कोई जिक्र नहीं किया गया है। साथ ही कोटा में स्टोन पार्क की स्थापना एवं स्टोन मार्ट के आयोजन के बारे में भी कोई घोषणा नहीं की गई है।