Budget 2020/ किसानों का बजट बढ़ाया, खाद पर सब्सिडी घटाई

0
225

नई दिल्ली। निर्मला सीतारमण ने इस बार रिकॉर्ड समय 2 घंटे 41 मिनट का बजट भाषण पढ़ा। इसकी थीम ऐस्पिरेशनल इंडिया, इकोनॉमिक डेवलपमेंट फॉर ऑल और केयरिंग सोसाइटी थी। सबसे बड़ा ऐलान इनकम टैक्स भरने के दो विकल्पों का रहा। पुरानी व्यवस्था के साथ टैक्स स्लैब की नई दरें भी घोषित की गईं। 5 लाख तक की आय वालों को पुरानी व्यवस्था की तरह नई व्यवस्था में भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।

नए टैक्स स्लैब में 5 लाख से 7.50 लाख आय वालों को 10% टैक्स देना होगा। नई व्यवस्था में 3 अन्य स्लैब में भी टैक्स घटाया गया, लेकिन इसके लिए आपको करीब 70 तरह की रियायतें छोड़नी होंगी। अगर सैलरी के अलावा बिजनेस से भी आय है तो नई या पुरानी व्यवस्था में से कोई एक विकल्प चुनने के बाद उसे बदल नहीं पाएंगे।

किसानों के लिए सरकार ने बजट बढ़ाया है। पिछली बार के 1.01 लाख करोड़ के मुकाबले इस बार किसानों के लिए 1.34 लाख करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया। लेकिन, खाद सब्सिडी में 11% की कटौती की गई है। सब्सिडी के लिए इस बार 71,309 करोड़ रुपए रखे हैं, जबकि 2019-20 में यह रकम 79,997.85 करोड़ रुपए थी।

टैक्स के फेर में फंसाया
5 लाख रुपए तक की इनकम वालों को पुरानी की तरह नई व्यवस्था में भी टैक्स नहीं देना होगा। नई व्यवस्था के तहत 5 लाख से 7.5 लाख रुपए की इनकम वालों को 10% ही देना होगा। पुरानी व्यवस्था में इतनी आय पर 20% टैक्स लगता है। इनकम टैक्स की नई दरें वैकल्पिक होंगी। करदाता को पुरानी और नई व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा। मौजूदा छूट और कटौतियों (100 से ज्यादा) में से करीब 70 को हटा दिया गया है।

शिक्षा
2030 तक भारत में सबसे बड़ी वर्किंग ऐज पॉपुलेशन होगी। जल्द ही नई शिक्षा नीति घोषित होगी। प्रतिभाशाली शिक्षकों को बढ़ावा दिया जाएगा। 99,300 करोड़ रुपए एजुकेशन सेक्टर पर खर्च होंगे। 150 संस्थान डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकार एक प्रोग्राम के तहत सभी शहरी निकायों में नए इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप करवाएगी।

डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए पीपीपी मोड पर जिला अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। जो राज्य अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज की सुविधा देने की मंजूरी और रियायती दरों पर जमीनें देंगे, उन्हें केंद्र सरकार वित्तीय मदद करेगी। देश में टीचरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भी जरूरत है। स्वास्थ्य और कौशल विकास मंत्रालय के जरिए ब्रिज कोर्स शुरू करेंगे।

किसान और गांव
सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध। पानी की किल्लत से जूझ रहे 100 जिलों पर फोकस किया जाएगा। 2.83 लाख करोड़ रुपए कृषि से जुड़ी गतिविधियों, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाएंगे। 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में सरकार मदद करेगी। 15 लाख अन्य किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंप दिए जाएंगे। सोलर पावर जनरेशन भी बढ़ाई जाएगी। भारतीय रेलवे अब किसान रेल की स्थापना करेगी। इसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

एक्सप्रेस और मालगाड़ियों में रेफ्रिजिरेटेड कोच लगाए जाएंगे ताकि दूध, मछली और मीट के उत्पादों का ट्रांसपोर्टेशन किया जा सके। नागरिक उड्डयन मंत्रालय कृषि उड़ान की शुरुआत करेगा। इससे नॉर्थईस्ट-आदिवासी इलाकों से कृषि उपज को बढ़ावा मिलेगा।देश में 162 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज की क्षमता है। ब्लॉक-तालुका स्तर पर वेयरहाउस को बढ़ावा दिया जाएगा। फूड कॉर्पोरेशन और सेंट्रल वेयरहाउस कॉर्पोरेशन अपनी जमीन पर भी कोल्ड स्टोरेज बनाएंगे।

महिला और पोषण
शादी की उम्र: 1978 में शारदा एक्ट (1929) को संशोधित कर महिलाओं की शादी की उम्र 15 से बढ़ाकर 18 की गई थी। भारत आगे बढ़ रहा है, महिलाओं के लिए करियर और हायर एजुकेशन में रास्ते खुल रहे हैं। इस संबंध में यह देखना जरूरी है कि महिलाओं की शादी की उम्र क्या हो। इसके लिए एक टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव है, जो 6 महीनों में अपनी सिफारिश देगी।

पोषण: पोषण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा केवल महिलाओं पर केंद्रित कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया है।

स्वास्थ्य-स्वच्छ भारत
हेल्थ सेक्टर के लिए 69 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। मिशन इंद्रधनुष, फिट इंडिया मूवमेंट, जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं हैं। अभी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 20 हजार अस्पताल हैं। आयुष्मान भारत के लिए और अस्पतालों की जरूरत है। इस योजना के तहत 6400 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य के लिए “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” कैम्पेन जारी है। जन औषधि केंद्रों को 2024 तक हर जिले में शुरू किया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन के लिए 12,300 करोड़ रुपए रखे गए हैं। जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए अलॉट किए गए। इसके तहत 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों पर फोकस रहेगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर
नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत 103 लाख करोड़ के 6500 प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा, साथ ही रोजगार भी बढ़ेंगे।5 नई स्मार्ट सिटीज पीपीपी के जरिए बनेंगी। यह ऐसी सिटीज होंगी, जहां निवेश को बढ़ावा मिले। इसके लिए 6450 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।

नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित स्किल पर बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत यंग इंजीनियर, मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स और इकोनॉमिस्ट को मौका मिलेगा।
नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी जल्द ही जारी होगी।

नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी जल्द ही जारी होगी। सिंगल विंडो ई-लॉजिस्टिक मार्केट के जरिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया जाएगा।

रेलवे
पीपीपी मॉडल के आधार पर 150 और ट्रेनें चलेंगी, निजी क्षेत्र की मदद से 4 स्टेशनों का री-डेवलपमेंट किया जाएगा। पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तेजस जैसी ट्रेनों की शुरुआत होगी। अभी आईआरसीटी 2 तेजस ट्रेनों का संचालन कर रहा है।

रेलवे की खाली जमीन और ट्रैक के आसपास ज्यादा क्षमता वाले सोलर पैनल लगेंगे। पीपीपी मोड पर किसान रेल चलाई जाएगी। दूध, मीट और मछली के उत्पादों का रेफ्रिजरेटेड कोचों के जरिए ट्रांसपोर्टेशन होगा। रेलवे के पास अभी ऐसी 9 वैन हैं। मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी दूरी में हाईस्पीड ट्रेन (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट को 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षा बजट
इसमें 6% का इजाफा हुआ, हालांकि बजट भाषण में वित्त मंत्री ने इसका जिक्र नहीं किया। रक्षा पर खर्च 3.18 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 3.37 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसमें अगर पेंशन की राशि जोड़ दी जाए तो कुल बजट 4.7 लाख करोड़ का है। 1.13 लाख करोड़ रुपए से नए हथियार, एयरक्राफ्ट, युद्धपोत और दूसरे साजो सामान खरीदे जाएंगे। रक्षा पेंशन पर खर्च बढ़ाकर 1.33 लाख करोड़ किया गया है।

विनिवेश
सरकार एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए बेचेगी। आईडीबीआई में भी बची हुई 46% हिस्सेदारी बेची जाएगी।

सामाजिक क्षेत्र
28600 करोड़ रुपए सिर्फ महिलाओं पर आधारित विशिष्ट कार्यक्रमों पर खर्च किए जाएंगे। पोषण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जा ति के विकास के लिए 85 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 53700 करोड़ रुपए अनुसूचित जनजाति के विकास पर खर्च होंगे।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेरिटेज एंड कंजर्वेशन बनेगा। 5 आर्कियोलॉजी साइट्स को आइकॉनिक साइट्स बनाया जाएगा। इसमें राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धौलावीरा (गुजरात), आदिचेन्नलूर (तमिलनाडु) शामिल हैं। कोलकाता में नेशनल म्यूजियम का पुनरुद्धार होगा। रांची में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा।