कोटा की हितकारी सहकारी समेत देश की 151 सोसायटी SOG जांच के दायरे में

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जयपुर/कोटा। कानून के शिकंजे मेंं फंसीं आदर्श, नवजीवन व संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां और इनका 16 हजार करोड़ का फ्राॅड तो राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में फैले फर्जीवाड़े का एक छोटा सा हिस्सा भर है। इन तीन सोसायटियों के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अब एसओजी ने कोटा की हितकारी सहकारी समेत 151 अन्य मल्टीस्टेट क्रेडिट सोसायटियों की भी जांच शुरू कर दी है। ये सभी सोसायटियां ऐसी हैं कि या तो इनके मुख्यालय राजस्थान में हैं या मुख्यालय किसी और प्रदेश में हैं, मगर ये राजस्थान में भी काम कर रही हैं।

हमने उन 151 क्रेडिट सोसायटियों की सूची जांची जिनके खिलाफ अभी जांच जारी है। इनमें से 67 सोसायटियों के मुख्यालय तो राजस्थान में ही हैं। जबकि इसके बाद सबसे ज्यादा 21 महाराष्ट्र और 20 उत्तर प्रदेश की क्रेडिट सोसायटियां जांच के दायरे में हैं। राजस्थान में भी जांच के दायरे में सबसे ज्यादा क्रेडिट सोसायटियां जयपुर और सिरोही की हैं। ज्यादातर क्रेडिट सोसायटियां ग्रामीण इलाकों या टीयर-3 के शहरों को निशाना बना रही हैं।

इन क्रेडिट सोसायटियों में 67 राजस्थान की
रडार पर आई क्रेडिट सोसायटियों में से 67 के मुख्यालय राजस्थान में ही हैं। 12 के मुख्यालय जयपुर में ही हैं। 12 सोसायटियों के मुख्यालय सिरोही में हैं। इन दोनों शहरों के बाद सबसे ज्यादा 10 क्रेडिट सोसायटियां जोधपुर शहर की हैं, जिनकी जांच हो रही है। उदयपुर व अजमेर की 4-4, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा और भरतपुर की 3-3 तथा गंगानगर, कोटा, हनुमानगढ़ और जैसलमेर की 2-2 क्रेडिट सोसायटियां एसओजी के रडार पर हैं। इसके अलावा बीकानेर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, पाली, बाड़मेर, धौलपुर और अलवर की 1-1 क्रेडिट सोसायटी जांच के दायरे में है। फॉर्च्यून मल्टीस्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ऐसी है जिसके मुख्यालय का पता राजस्थान में है, मगर शहर नहीं दिया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष के भाई की सोसायटी में भी घपला
कोटा में संचालित शिक्षा सहकारी समिति जो बीएड कॉलेज सञ्चालन के साथ-साथ बैंक के नाम से भी संचालित है। जिसका कार्यालय दादाबाड़ी में स्थित है। इस समिति के कर्ता-धर्ता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के भाई राजेश बिरला हैं। इनकी पत्नी सूरज बिरला बैंक की चेयरमैन हैं। जब lendennews.com ने इस बारे में राजेश बिरला से बात की तो वह जवाब देने के बजाय टालने लगे।

इस सोसायटी में होने वाले घपलों पर कोई इसलिए मुहं नहीं खोलता है क्योंकि यह लोकसभा अध्यक्ष के भाई की सोसायटी है। पूरा परिवार और रिश्तेदार इसके सदस्य हैं। पूरा कुनबा सहकारी समितियां चलाते हैं। पिता श्रीकृष्ण बिरला कर्मचारी सभा नंबर 108 के चैयरमेन हैं। इनके भाई की पत्नी महिला नागरिक सहकारी बैंक की चैयरमेन हैं। एक भाई हरिकृष्ण बिरला जिला उपभोक्ता सहकारी समिति के चैयरमेन हैं।

मिलिए उस टीम से, जिसकी वजह से सामने आया राजस्थान का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा
सात माह पहले गहलोत सरकार ने एसओजी में सीरियस फ्राड इन्वेस्टिगेटिव यूनिट बनाई। यूनिट का इंचार्ज बनाया गया सत्यपाल मिड्‌ढा को। इस यूनिट ने सोसायटियों के घोटालों की जांच करके पूरा मामला खोला। टीम में इंस्पेक्टर विष्णु, हैड कांस्टेबल संगीत, किशनवीर, कांस्टेबल सूरज, महेश, गणेश, भूरी सिंह को शामिल किया गया।

हर सोसायटी रडार पर है
151 क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां हमारे रडार पर हैं। हम एक-एक सोसायटी को खंगाल रहे हैं। ये सोसायटियां राजस्थान में रजिस्टर्ड हैं या यहीं उनका कार्यक्षेत्र है। – सत्यपाल मिड्‌ढा, एसओजी की अपराध शाखा के प्रमुख