रेस्ट्रॉन्ट्स पर ओवरचार्जिंग और बिलिंग में धांधली

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नई दिल्ली। नई टैक्स रिजीम की आड़ में रेस्ट्रॉन्ट्स की ओर से ओवरचार्जिंग और बिलिंग में धांधली पर जल्द शिकंजा कस सकता है। केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर अधिकारी रेट संबंधी कन्फ्यूजन का फायदा उठाने की शिकायतों से निपटने की रणनीति बना रहे हैं।

दिल्ली एसजीएसटी और वैट अधिकारियों का कहना है कि ऐल्कॉहॉल सर्व करने वाले कई रेस्ट्रॉन्ट्स में निर्धारित 18 पर्सेंट जीएसटी की जगह 20 पर्सेंट चार्ज करने और एयरेटेड ड्रिंक्स को अलग से बिक्री दिखाकर 40 पर्सेंट तक रेट चार्ज करने की शिकायतें मिली हैं।

कई रेस्ट्रॉन्ट्स जीएसटी के साथ ही वैट और एक्साइज की कंप्लायंस कॉस्ट का हवाला देकर ज्यादा चार्ज कर रहे हैं। विभाग जल्द ही पब्लिक नोटिस जारी करेगा और ऐसे होटेल और रेस्ट्रॉन्ट्स के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

दिल्ली एसजीएसटी विभाग के एक अडिशनल कमिश्नर ने बताया, ‘रेस्ट्रॉन्ट्स में ओवरचार्जिंग की रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया में आ रहे बिलिंग सैंपल को हम गंभीरता से ले रहे हैं। कुछ लोग मल्टिपल टैक्स रेट की आड़ में ग्राहकों को गुमराह कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’

अधिकारी ने बताया कि शराब के जीएसटी से बाहर होने के चलते लिकर सर्व करने वाले रेस्ट्रॉन्ट्स को जीएसटी के साथ ही वैट और स्टेट एक्साइज के तहत भी अनुपालन जारी रखना होगा। रेस्ट्रॉन्ट्स को सर्विस माना गया है और उन (एसी) पर 18 पर्सेंट जीएसटी (9%सीजीएसटी+9%एसजीएसटी) तय है।

उन्होंने कहा, ‘अगर किसी रेस्टोरेंट में आपका टैक्सेबल बिल 2000 रुपये आता है, जिसमें 600 रुपये की शराब भी है, तो रेस्ट्रॉन्ट्स को दो बिल बनाने होंगे। अगर एक ही बिल दिया जाता है तो भी रेस्ट्रॉन्ट्स को खाने पर 18 पर्सेंट और शराब पर 20 पर्सेंट रेट अलग-अलग दर्शाना होगा।’

हालांकि कोल्ड ड्रिंक और दूसरे एयरेटेड बेवरेज के मामले में ग्राहक को और राहत दी गई है। अगर कोई रेस्तरां खाने के साथ बेवरेज सर्व करता है तो टोटल रकम पर वह 18 पर्सेंट जीएसटी ही चार्ज करेगा, न कि इन प्रॉडक्ट पर तय 40 पर्सेंट जीएसटी।

दूसरी तरफ रेस्तरां मालिकों का कहना है कि एक तरफ मल्टिपल टैक्सेज को मिलाकर एक जीएसटी रेट लागू कर दिया गया, लेकिन उनके लिए एक्साइज लाइसेंस, वैट और जीएसटी के रूप में तीन विभागों की कंप्लायंस जारी रहेगी। इससे उनके खर्च नहीं घटने जा रहे।

करोलबाग में रेस्तरां चलाने वाले समीर अरोड़ा ने बताया, ‘सॉफ्ट ड्रिंक और दूसरे बेवरेज की खरीद पर हम जो सेस दे रहे हैं, अब उनका क्रेडिट नहीं मिलेगा। इसी तरह कई नए खर्चे बढ़ गए हैं। हम कहां से भरेंगे’ कई रेस्टोरेंट पैकेजिंग और डिलिवरी चार्ज के नाम पर भी अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं।