रिकॉर्ड को डिजिटल करने से हजारों रोगियों का इलाज हुआ आसान

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रोगियों को राहत : शहर में तीन सरकारी डिस्पेंसरी में मेडकॉर्ड्स के जरिए मरीजों के रिकॉर्ड निःशुल्क डिजिटलाइज करने से हजारों रोगियों को मिला फायदा। बुधवार को रामपुरा जिला अस्पताल में लांच हुआ डिजिटल इको सिस्टम

-अरविन्द
कोटा। डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत स्मार्ट सिटी के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड को डिजिटल करने से हर वर्गं के मरीजों को फायदा मिलने लगा है। भीमगंजमंडी व दादाबाड़ी के बाद बुधवार को रामपुरा जिला अस्पताल में मेडकॉर्ड्स कें जरिए बहुउद्देश्यीय डिजिटल हैल्थकेअर सुविधा प्रारंभ की गई।

मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मुझे 15 दिन पहले डॉक्टर को दिखाना था, लेकिन पर्चा मिला नहीं, तब मेडकॉर्ड्स के माध्यम से मुझे तुरंत उपचार मिल गया। शहर से बाहर भी आपातकालीन स्थिति में ये डिजिटल रिकॉर्ड हर वक्त हमारे काम आ सकता है। शहर के दो आईटी विशेषज्ञ युवा श्रेयांस मेहता व निखिल बाहेती अपने शहर में एक सरकारी अस्पताल तक रूके नहीं, वे हर माह इससे शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ रहे हैं।

पीएम  नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत मरीजों के रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने का कदम कोटा में 9 मई को एक सरकारी डिस्पेंसरी से उठाया गया। आज 6 हजार से अधिक रोगी अपना निशुल्क पंजीयन करवाकर सर्वश्रेष्ठ इलाज का लाभ उठा रहे हैं। रामपुरा क्षेत्र के नागरिक अपना मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए इसका पूरा लाभ उठाए।

महापौर  महेश विजय ने कहा कि शहर के युवा किसी कंपनी में जॉब करके करोडों रूपए कमा सकते हैं, लेकिन इन्होंने जन्मभूमि कोटा के लिए बेहतरीन सेवा कार्य किया है। समारोह में क्षेत्र के पार्षद बृजेश शर्मा ‘नीटू’, चंद्रप्रकाश सैनी, हेमा सक्सेना, इंद्रकुमार जैन, मीनाक्षी खंडेलवाल व कमरूद्दीन सहित कई गणमान्य नागरिक व चिकित्सक मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जेएल जेठवानी ने आभार जताया। डॉ सुधीर उपाध्याय ने संचालन किया।

स्मार्ट सिटी के लिए ‘रिक्रिएटिव कोटा’
विशिष्ट अतिथि जिला कलक्टर श्री रोहित गुप्ता ने कहा कि कोई भी अच्छा प्रोजेक्ट प्राइवेट सेक्टर में चालू होता है लेकिन मेडकॉर्ड्स ऐसा प्रोजेक्ट है, जो सबसे पहले कोटा में सरकारी डिस्पेंसरी से शुरू किया गया। जिला प्रशासन मेडकॉर्ड्स के साथ एमओयू करके इसे ‘डोर-टू-डोर’ तक ले जाएगा। ताकि हर नागरिक अपनी डिजिटल हैल्थ प्रोफाइल तैयार कर सके। यह प्रोफाइल गवर्नमेंट व प्राइवेट हॉस्पिटल दोनों में काम आएगी।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी नागरिकों के सहयोग से स्मार्ट बनती है, इसलिए प्रशासन के साथ सहयोग करें। जल्द ही स्मार्ट सिटी के लिए ‘रिक्रिएटिव कोटा’ ग्रुप बनाया जा रहा है, जिसमें ऐसे युवा जो जनहित में शहर के लिए इनोवेटिव कार्य करके नई पहचान दिला सके, उन्हें जोड़ा जाएगा। यहां के कोचिंग विद्यार्थियों को सस्ती किताबें उपलब्ध करवाने के लिए कंपनी से करार करके बुक बैंक की स्थापना भी की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ गिरीश वर्मा ने कहा कि मेडकॉर्ड्स देश के मेडिकल क्षेत्र में डिजिटल क्रान्ति है। इस इको सिस्टम से डॉक्टर, रोगी, लेबोरेट्री व केमिस्ट एक साथ जुड़ जाएंगे, जिससे रोगियों को बहुत लाभ मिलेगा। यह पहला एप है जो बिना स्मार्टफोन भी गरीब मरीजों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखेगा। कोटा के सभी सरकारी अस्पतालों में इसे जल्द लागू किया जाएगा।

हमारे इलाज में काम आया डिजिटल रिकॉर्ड

केस-1 : भीमगंजमंडी क्षेत्र में एक प्रसूता रूखसार बानो रात 9 बजे अचानक तेज दर्द हुआ लेकिन डिस्पेंसरी बंद हो जाने से उसके पति ने मेडकॉर्ड्स के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके मदद मांगी। डिस्पेंसरी में उसका रिकॉर्ड डिजिटल होने से डॉक्टर ने यूजर आईडी से मोबाइल पर उसकी स्थिति को समझकर तत्काल ट्रीटमेंट दे दिया। रूखसान को सुबह तक आराम मिल गया।

केस-2 : दादाबाडी क्षेत्र में रहने वाली 81 वर्षीया नानीबाई का शाम 7ः30 बजे घर पर अचानक जी घबराने लगा। उसकी तबीयत बिगड़ रही थी लेकिन डिस्पेंसरी 7 बजे बंद हो चुकी थी। उसके बेटे ने मेडकॉर्ड्स के कॉल सेंटर पर फोन करके मदद मांगी, जिससे डॉक्टर ने मोबाइल से ही उसे दवाइयां नोट करवा दी। उसे कहीं भागदौड़ नहीं करनी पड़ी और जल्दी आराम मिल गया।

केस-3 : रोगी महेंद्रसिह का इलाज सरकारी डिस्पेंसरी में चल रहा था लेकिन अचानक ब्रेन हेमरेज हो जाने से शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। उन्हें इलाज से आराम नहीं मिला तो मेडकॉर्ड्स के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। टीम ने दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव को डिजिटल रिपोर्ट भेजकर परामर्श लिया, समय पर अच्छा ट्रीटमेंट मिलने से अब तबीयत में सुधार है।

ऐसे तैयार करें मेडिकल प्रोफाइल
डिस्पेंसरी में रोगी को एक बार मेडकार्ड्स पर लॉग इन करना है। इसमें नाम, मोबाइल नंबर व क्षेत्र भरते ही वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) मोबाइल पर आएगा, उसे फीड करते ही रोगी का आईडी बन जाएगा। जिस पर सारे मेडिकल रिकॉर्ड अपलोड कर सकता है। यह मेडिकल प्रोफाइल किसी भी विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाई जा सकती है। मेडकॉर्ड्स का हेल्पलाइन नंबर 78168 11111 है।