निफ्टी ने पहली बार 11,800 का स्तर छुआ, सेंसेक्स में 400 अकों की बढ़त

0
291

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख संवेदी सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी 1% मजबूत हो गए। 31 मार्च को खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के लिए कंपनियां अच्छे नतीजे पेश कर रही हैं। साथ ही, इस वर्ष मॉनसून के अनुकूल रहने, विदेशी निवेश में बढ़ोतरी, व्यापार के सकारात्मक आंकड़े और टेक्निकल इंडिकेटर्स के दम पर बाजार ने यह तेजी हासिल की।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों का सूचकांक निफ्टी इतिहास में पहली बार 11,800 का स्तर छू लिया और 1.59 मिनट पर यह 11,800.33 अंक पर आ गया था। हालांकि, 2:14 बजे निफ्टी में और मजबूती आई और यह 115.30 अंक (0.99%) की तेजी के साथ 11,807.85 के सर्वोच्च स्तर को छू लिया।

इससे पहले निफ्टी का रेकॉर्ड 11,761 अकों का था। इससे पहले, 2:39 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 449.03 अंक (1.15%) मजबूत होकर 39,354.87 पहुंच चुका था। आइए शेयर बाजार में आई इस तेजी के कुछ प्रमुख कारकों पर नजर डालते हैं…

मॉनसून की भविष्यवाणी
भारतीय मौसम विभाग ने हाल-फिलहाल में मॉनसून के सामान्य रहने की भविष्यवाणी की जिससे दलाल स्ट्रीट स्काइमेट की मॉनसूनी सीजन में सामान्य से कम बारिश के अनुमान से चिंतित था। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि इस वर्ष देश में लगभग सामान्य मॉनसूनी बारिश होगी जो कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी।

विदेशी निवेश
विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारत में निवेश की स्थिति दुरुस्त होने के कारण भी बाजार को बल मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशक इस वर्ष 15 अप्रैल तक भारतीय शेयर बाजारों में 65,000 करोड़ रुपये निवेश कर चुके हैं।

व्यापार के आंकड़े
दवाइयों, रसायन और अभियांत्रिकी (फार्मा, केमिकल और इंजिनियरिंग) क्षेत्रों में वृद्धि के दम पर मार्च महीने में भारत का निर्यात 11 प्रतिशत की तेजी के साथ 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस आंकड़े ने वित्त वर्ष 2018-19 में भारत का कुल निर्यात बढ़कर 331.02 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

मार्च में भारत ने 32.55 अरब डॉलर का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट किया जो मार्च 2018 में 29.32 अरब डॉलर का था। आयात-निर्यात के लिहाज से अक्टूबर के बाद मार्च का महीना सर्वोत्तम रहा जब भारत का निर्यात 17.86 बढ़ा जबकि आयात महज 1.44 प्रतिशत ही बढ़ा। इस वजह से मार्च में व्यापार घाटा घटकर 10.89 अरब डॉलर पर आ गया जो पिछले वर्ष मार्च में 13.51 अरब डॉलर का था।

टेक्निकल इंडिकेटर
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने कहा कि निफ्टी ने टेक्निकल चार्ट पर ‘गोल्डन क्रॉस’ बनाया है जिससे मार्केट के प्रति सकारात्मक रुख बना है। ICICI डायरेक्ट ने वित्त वर्ष 2020 के लिए अपना निफ्टी टारगेट बढ़ाकर 12,800 से 13,000 कर दिया है। गौरतलब है कि चार्ट्स पर गोल्ड क्रॉस तभी बनता है जब कोई स्टॉक या इंडेक्स का 50 दिन का शॉर्ट टर्म मूविंग ऐवरेज उसके 200 दिनों के मूविंग ऐवरेज से आगे निकल जाता है।

गोल्डन क्रॉस बनने का मतलब है कि मार्केट में जबर्दस्त तेजी के संकेत हैं, खासकर तब जब उस खास वक्त में जबर्दस्त ट्रेडिंग वॉल्युम देखा जाए। 15 मार्च को निफ्टी का 50 दिनों के मूविंग ऐवरेज 10,890 था जो उसे 200 दिनों के मूविंग ऐवरेज 10,889 से ज्यादा था।

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने सोमवार को जारी एक नोट में कहा, ‘निफ्टी के 50 शेयरों में आधे (25) शेयरों ने 73 प्रतिशत के कलेक्टिव वेटेज के साथ पहले ही गोल्डन क्रॉसओवर बना लिया था। इससे मार्केट की आंतरिक मजबूती का अंदाजा लगता है।’

वैश्विक तेजी
विदेशी बाजारों में तेजी से भी मंगलवार को भारतीय शेयर बाजारों में कारोबार को तेजी मिली। पिछले सप्ताह चीन ने एक्सपोर्ट और बैंकिंग सेक्टर के मजबूत आंकड़े जारिए किए जिससे ज्यादातर एशियाई शेयर बाजारों में तेजी बनी हुई है। निक्केई 0.72 प्रतिशत की तेजी से 22,242 पर जबकि हैंग सेंग और शंघाई शेयर बाजारों में क्रमशः 0.66 प्रतिशत और 1.45 प्रतिशत की उछाल के साथ कारोबार हो रहा था।

कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे
31 मार्च, 2019 को खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष की आखिरी और चौथी तिमाही के नतीजे आने लगे हैं। इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी (आईटी) सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों टाटा कंस्लटंसी सर्विसेजी (टीसीएस) और इन्फोसिस ने शुक्रवार को बेहतरीन नतीजे पेश किए जिससे इस अर्निंग सीजन की अच्छी शुरुआत हुई। भारतीय बाजार के प्रति निवेशकों का भरोसा इससे भी बढ़ा है।