आधार कार्ड के इस नियम के बारे में नहीं जानते होंगे आप

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नई दिल्ली। देश के लोगों को एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन के लिए आधार नंबर की सेवा दी जा रही है। इसमें लोगों की बायोमेट्रिक्स और व्यक्तिगत जानकारी होती है। आधार सेवा प्रदाता भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार नंबर धारकों को डाटा में बदलाव की अनुमति देता है। लेकिन कई जानकारियां ऐसी हैं जिनमें एक या दो बार गलती से बदलाव नहीं हो सकता है।

आधार कार्ड बनवाते समय आवेदक को अपनी जन्मतिथि के बारे में भी जानकारी देनी होती है। कई बार भूलवश या किसी अन्य कारणों से आधार डाटा में जन्मतिथि गलत हो जाती है। आप इसे एक बार ठीक करवा सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी जन्मतिथि में कोई गड़बड़ हो जाती है तो इसे दोबारा ठीक नहीं कराया जा सकता है।

यानी आधार कार्ड बनवाते समय और दोबारा बदलाव कराते समय जन्मतिथि में कोई गड़बड़ हो जाती है तो आप इसे ठीक नहीं करा सकते हैं। इस संबंध में UIDAI ने ट्वीट करके भी जानकारी दी है। UIDAI ने कहा है कि कोई भी आधार धारक वैध दस्तावेजों के साथ आधार सेंटर पर जाकर जन्मतिथि में केवल एक बार बदलाव करवा सकता है।

UIDAI का कहना है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि और सही जन्मतिथि में तीन साल से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा पाया जाता है तो जन्मतिथि में बदलाव का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद आधार के रीजनल ऑफिस में ही फैसला लिया जाएगा।