ओवरलोडिंग का जुर्माना आखिर ट्रक मालिकों को चुकाना ही पड़ेगा

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कोटा। ओवरलोडिंग का करोड़ों रुपए का ट्रकों पर लगा जुर्माना आखिर कोटा स्टोन फैक्ट्री और ट्रक मालिकों को चुकाना ही पड़ेगा, लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में कोई राजनितिक दबाव काम नहीं आएगा। अभी परिवहन विभाग की ओर एमेनेस्टी स्कीम चल रही है। परिवहन विभाग का कहना है कि स्कीम के बाद करोड़ों का जुर्माना ही वसूल होगा।

हाड़ौती स्टोन इंड्रस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष आरएन गर्ग ने बताया कि इस दौरान प्रतिनिधिमंडल दो बार जयपुर हो गया। पहली बार 14 मार्च को गया था तो दो दिन तक मंत्री प्रमोद जैन भाया से मुलाकात की और मामला सीएम के लेवल का होने के कारण उनसे टाइम लेने पर बात हुई।

उसके बाद 19 मार्च को फिर जयपुर जाकर परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास से मुलाकात हुई। इस दिन सीएम अशोक गहलोत से उनके घर पर मिलने का समय 3 बजे का मिला। प्रतिनिधिमंडल 3 बजे वहां पहुंच गया, लेकिन 5 बजे तक कोई मैसेज नहीं था।

फिर पता चला कि वे सचिवालय मिलेंगे, फिर सचिवालय पहुंचे और वहां एक घंटे बैठे रहे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। 7.30 बजे घर पहुंचे तो वहां पता चला कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। ऐसे में अब स्टोन की फैक्ट्रियों पर संकट गहराता जा रहा है। कच्चा माल नहीं मिलने से स्टोन की मशीनें पूरी तरह से जाम पड़ी है।

मजदूर ठाले बैठे हैं। मजदूरों को रोज खाने-पीने के लिए पैसा देना पड़ रहा है। जल्द ही मामला नहीं निपटा तो मजदूर भी काम छोड़कर चले जाएंगे, ऐसे में दुबारा फैक्ट्री चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। कोटा शहर में 250 और रामगंजमंडी व आसपास 2200 से अधिक फैक्ट्रियों से 90 फीसदी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं।

नहीं बढ़ेगी तारीख: परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार कई लोगों ने इस योजना का लाभ उठाकर जुर्माने को जमा करवा दिया गया है, लेकिन कुछ लोगों के द्वारा वाहन मालिकों को तारीख बढ़ने का आश्वासन दिया जा रहा है वो गलत है। अगर वो अभी जमा करवा देते हैं तो हजारों में ही चालान पूरा हो जाएगा, लेकिन 31 मार्च इस चालान को लाखों रुपए ही लिया जाएगा। इन चालानों को जमा करने के बाद परिवहन विभाग को इससे 1 करोड़ 72 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।