आर्थिक आंकड़े, वैश्विक संकेतों और रुपए की चाल से तय होगी बाजार की दिशा

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नई दिल्ली। विदेशी संस्थागत निवेशकों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लिवाली तथा भारतीय मुद्रा के सात माह के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से मजबूत हुई निवेश धारणा के दम पर घरेलू शेयर बाजार ने बीते सप्ताह तेज छलांग लगाई।

आलोच्य सप्ताह में शेयर बाजार में लगातार चौथे सप्ताह तेजी दर्ज की गई। इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,352.89 अंक यानी 3.69 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ 38,024.32 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 391.45 अंक यानी 3.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 11,426.85 अंक पर बंद हुआ।

आलोच्य सप्ताह के दौरान दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मंझोली कंपनियों पर भी निवेशक मेहरबान रहे। बीएसई का मिडकैप 367.31 अंक यानी 2.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,171.52 अंक पर और स्मॉलकैप 308.12 अंक यानी 2.12 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ 14,837.18 अंक पर बंद हुआ।

सात माह के उच्चतम स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार
आगामी सप्ताह में भी शेयर बाजार पर डॉलर की तुलना में रुपए की स्थिति पर निवेशकों की नजर रहेगी। बीते सप्ताह रुपया और देश का विदेशी मुद्रा भंडार शुक्रवार को सात माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

अगले सप्ताह मंगलवार को चालू खाता घाटे के आंकड़े जारी होने हैं, जिसका असर शेयर बाजार पर रहेगा। बीते सप्ताह जारी हुए व्यापार घाटे के आंकड़े भी निवेश धारणा को प्रभावित करेंगे। व्यापार घाटा 17 माह के निचले स्तर पर आया है, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।

राजनीतिक समीकरणों का भी ध्यान रखेंगे निवेशक
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर भी शेयर बाजार पर रहेगा। कच्चे तेल में गत सप्ताह तेजी दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्रेग्जिट को लेकर जारी उथलपुथल, अगले सप्ताह जारी होने वाले जापान के आर्थिक आंकड़े और 19-20 मार्च को होने वाले अमेरिका की फेडरल रिजर्व की बैठक पर भी निवेशकों ही नजर रहेगी।

निवेशक इसके साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बदलते राजनीतिक समीकरणों पर भी अपना ध्यान रखेंगे। विश्लेषकों के मुताबिक, अगली बार भी नरेंद्र मोदी की सरकार के सत्ता में वापस आने की अधिक संभावना को देखते हुए विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी घरेलू शेयर बाजार में बढ़ गई है और इसी वजह से इसमें लगातार चौथे सप्ताह तेजी रही है।