एम्स एमबीबीएस की परीक्षा में टॉपर्स को लेकर भिड़े कोटा के दो कोचिंग संस्थान

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कोटा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा आयोजित एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में शीर्ष दस रैंक लाने वाले छात्रों को लेकर शहर के दो कोचिंग संस्थान एलन कैरियर और आकाश कोचिंग आपस में भिड़ गए हैं । दोनों संस्थानों का दावा है कि टॉप 10 स्टूडेंट्स उनके संस्थान से ही पढ़े हैं। परीक्षा का परिणाम गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे घोषित किया गया था। एम्स ने टॉपर्स की लिस्ट घोषित नहीं की थी। 

राजस्थान के कोटा में स्थित संस्थान एलन कैरियर इंस्टीट्यूट ने परिणामों के घोषित होने के कुछ घंटों के बाद कहा कि शीर्ष दस छात्र उनके संस्थान से थे। इसमें गुजरात के सूरत की रहने वाली निशीता पुरोहित ऑल इंडिया टॉपर है। देश भर में एलन के 40 संस्थान हैं, जहां करीब 1.5 लाख छात्र पढ़ते हैं। इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर नवीन माहेश्वरी ने टापर्स का नाम और उनकी पोजीशन्स के बारे में भी बताया।

उन्होंने कहा कि अर्चना गुप्ता ने दूसरी रैंक हासिल की, उसके बाद तमोघना घोष, निपुन चंद्रा, हर्ष अग्रवाल, ऋषव राज, हर्षित आनंद, रिंकू सरमाह, अभिषेक डोगरा और मनीष मूलचंदानी ने रैंक हासिल की। इसके अगले दिन एक और कोचिंग इंस्टीट्यूट आकाश एजुकेशनल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (AESPL) ने शीर्ष 11 रैंक हासिल करने वाले छात्रों ने नाम दिए। इस सूची में भी कुछ उन छात्रों के नाम शामिल थे, जिनके नाम एलन ने जारी किए थे।

AESPL ने एक बयान में कहा कि हमारे क्लासरूम प्रोग्राम के तहत शीर्ष 12 रैंकों में से तमोघना घोष ने तीसरी रैंक, हासिल की, निपुन चंद्र ने चौथी, हर्ष अग्रवाल ने 5वीं रैंक और अभिषेक डोगरा ने 9वीं रैंक हासिल की। AESPL ने यह भी दावा किया कि पहली और दूसरी रैंक हासिल करने वाली निशिता पुरोहित व अर्चित गुप्ता उसके डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम में शामिल थे।

संस्थान ने दावा किया कि हर्षित आनंद (7वीं रैंक), रिंकू सरमाह (8वीं रैंक) और मनीष मूलचंदानी (10वीं रैंक) ने डिस्टेंस कोर्स किया है। कोटा में एक प्रेसवार्ता में निशिता पुरोहित, अर्चित गुप्ता और मूलचंदानी ने कहा कि वे एलन की नियमित कक्षा के छात्र थे। तमोघना घोष के रिश्तेदार ने कहा कि वह एलेन की डिस्टेंस लर्निंग का स्टूडेंट थी और नियमित रूप से AESPL में जाती थी।

निपुन चंद्र के परिवार ने यह भी कहा कि वे AESPL का नियमित छात्र था और एलन में दो से तीन ऑनलाइन टेस्ट दे चुका था। हर्षित आनंद, हर्ष अग्रवाल और ऋषव राज ने कहा कि वह एलन का नियमित छात्र था। अभिषेक डोगरा ने कहा कि उसने अपनी कुछ पढ़ाई एलेन में की और कुछ हिस्सा AESPL में पूरा किया था। 

दोनों संस्थानों ने देश के तमाम बड़े समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर इस बात के दावे भी किये। इन विज्ञापनों को देख कर जनता भ्रमित हो गई। कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच। इस मामले की जानकारी के लिए LEN-DEN NEWS ने दोनों संस्थानों के संचालकों से बात करनी चाही तो दोनों ने फोन पर बात नहीं की।