‘जल उठे एक लाख दीप’ गोल्डन बुक में दर्ज हुआ कोटा का नाम

0
66

कोटा। दशहरा मैदान में चल रहे त्रिदिवसीय राष्ट्रीय स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव में अंतिम दिन शनिवार को 1 लाख दीपकों से आरती का विश्व रिकाॅर्ड कायम किया गया। गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड्स की टीम ने कोटा पहुंचकर डाटा एकत्र किया। इसके बाद हेलिकाॅप्टर से स्वर्ण, रजत और पुष्पों की वर्षा की गई। जिनाभिषेक, शांतिधारा, विशुद्धमति माताजी की भव्य महापूजा, आराधना के कार्यक्रम भी हुए।

डाॅ. विशुद्धमति माताजी का 51 स्वर्ण रजत कलशों से पाद प्रक्षालन किया गया तथा मध्यान्ह विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया।सैकड़ों लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मिट्टी के दीयों को जलाना शुरू किया तो एक एक कर 1 लाख 384 दीये जलाकर विश्व कीर्तिमान कायम कर लिया।

स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव पर जैन समाज कोटा की ओर से यह विश्व कीर्तिमान कायम किया गया। आचार्य निर्मल सागर सभागार दशहरा मैदान में मिट्टी से बने दीयों को जलाने के लिए महिला पुरुष, बच्चे बूढे हर कोई जुटा हुआ था।

जैसे जैसे दीप जलते गए, रोशनी बढती गई। हर दीपक से निकलने वाली ऊर्जा के कारण से सभागार का तापमान 50 डिग्री से अधिक हो गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं की ऊर्जा कम नहीं हो रही थी। जैसे ही एक लाख से अधिक दीए जलकर तैयार हुए तो ऐसा लगा मानो आसमान में सितारे टिमटिमा रहे हों। दीयों को जलाने के बाद पूरा प्रांगण आर्यिका संघ के जयकारों से गूंज उठा। दीपक जलाने के लिए अलग लग ब्लाॅक बनाए गए थे।

इसके अलावा सभागार के बीच में एक गलियारा बनाया गया था। जिसमें 7 ओऊम् और 8 स्वस्तिक के चिन्ह भी दीपकों से बनाए गए थे। यह दीपोत्सव धार्मिक आध्यात्मिक और सामाजिक सरोकार का अनूठा गवाह बन गया। जिसमें 1 लाख से अधिक दीयो के एक साथ प्रज्ज्वलित होने पर जहां अद्भुत रोशनी से दशहरा मैदान नहा उठा।

दिल्ली से गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड की ओर से आए रिकाॅर्ड अधिकारी आलोक कुमार और जसविंदर सिंह ने आयोजकों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट, गोल्डन बुक और टीशर्ट सौंपे। आलोक कुमार ने बताया कि फिलहाल प्रमाण पत्र में संख्या नहीं लिखी गई है, लेकिन यह तय है कि पूर्व में बनाया गया दीपक जलाने का रिकाॅर्ड कोटा में टूट चुका है।

अब कार्यक्रम की फुटेज यूएसए भेजे जाएंगे, जिन्हें देखने के बाद संस्था की ओर से रिकाॅर्ड बुक में संख्या सहित नाम दर्ज कर लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि किसी के सम्मान में पहली बार इतनी संख्या में दीए जलाए गए हैं।