एटीएम में कैश रखने वाले ही चुरा रहे थे नोट, चार साल बाद खुला राज

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कोटा। एटीएम में कैश लोड करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों ने सरकारी और प्राइवेट बैंकों को लाखों का चूना लगा दिया। आरोपियों ने हेराफेरी करके एटीएम में लोड करने वाली राशि का गबन कर लिया। ये सिलसिला 4 साल से चल रहा था, लेकिन बैंक प्रबंधन और कैश लोड करने वाली कंपनी भी कुछ नहीं समझ सकी।

आरोपियों ने इतने शातिर तरीके से 4 नेशनल बैंकों और कैश लोडिंग एजेंसी को चूना लगाया कि सब एक-दूसरे पर एटीएम से कैश कम होने की जिम्मेदारी डालते रहे। कुछ दिन पहले कर्मचारियों के करतूत का खुलासा हुआ तो सबके होश उड़ गए। इस खुलासे के बाद बैंक में कैश लोड करने वाली कंपनी ने दो कर्मचारियों के खिलाफ गुमानपुरा थाने में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज करवाया है। इधर, कंपनी ने दोनों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

एटीएम में कैश लोड करने वाली कंपनी सीएमएस शहर में एसबीआई, एक्सिस, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में कैश लोड करती है। सीएमएस कंपनी ने चारों बैंकों के कुछ एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी अपने दो कर्मचारी बसंत विहार निवासी पंकज मिश्रा और छावनी निवासी कपिल प्रजापति को दी।

इनके पास एटीएम का कैश बॉक्स खोलने का स्पेशल कोड भी रहता था। दोनों वैन में कैश रखकर एटीएम तक जाते और वहां कैश बॉक्स को खोलकर पहले से रखे कैश में से कुछ नोट निकालकर नया कैश रख देते थे।

सिर्फ 100, 500 के नोट निकालते थे ताकि किसी को शक न हो
गुमानपुरा पुलिस के मुताबिक आरोपी कर्मचारी पंकज मिश्रा और कपिल प्रजापति ने पांच साल पहले वर्ष 2014 में सीएमएस कंपनी में ज्वाइन किया था। दोनों एटीएम में कैश लोड करने के लिए बैंक से पैसा लेकर एक ही वैन में एटीएम तक जाते। एटीएम में जाकर वो बैंक द्वारा उपलब्ध करवाया गया स्पेशल कोड डालकर एटीएम बॉक्स को खोलते।

इसके बाद वे पहले से रखे कैश में से कभी 500 रुपए, कभी 100 रुपए, कभी 1000 रुपए निकाल लेते। जिसके बाद वे बैंक द्वारा दिया गया पूरा कैश एटीएम में डालकर उसे लॉक कर देते। यह प्रोसेस सुरक्षा की दृष्टि से शाम व रात की बजाए दोपहर तक पूरा कर लिया जाता था। शाम को जब बैंक संबंधित एटीएम का कैश डिटेल चेक करता तो उसे पैसा कम मिलता, लेकिन 500, 1000 रुपए जितनी कम राशि पर शुरुआत में तो किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।

निगाह रखी तो रडार पर आए कर्मचारी
बैंक प्रबंधन ने हिसाब मिलाया तो 2.34 लाख का गबन सामने आया। जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसके बाद गुप्त जांच शुरू की गई। एटीएम से होने वाले हर छोटे-बड़े ट्रांजेक्शन पर निगाह रखी और रोजाना कैश की स्पेशल ट्रांजेक्शन शीट को मिलाया गया। इसी दौरान दोनों कर्मचारियों ने एटीएम से पैसे निकाले तो वो पकड़े गए।

मुकदमा दर्ज किया
गुमानपुरा थाने के एएसआई एवं जांच अधिकारी बाबूलाल ने बताया कि सीएमएस कंपनी की कोटा ब्रांच के कस्टोडियन अधिकारी नरेन्द्र कुमावत की रिपोर्ट पर पंकज मिश्रा और कपिल प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर रहे हैं और टेक्निकल सबूत एकत्रित किए जा रहे है। जल्द दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।