जीवन में लक्ष्य इतने बड़े हों कि चुनौतियां बौनी साबित हो जाएं : डाॅ. पाटनी

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कोटा। शिक्षक असीम क्षमता से पूर्ण होते हैं। यह एक शिक्षक पर ही निर्भर करता है कैसे एक प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रतिभा को निखारा जा सकता है और कैसे एक औसत विद्यार्थी में प्रतिभा का विकास किया जा सकता है। शिक्षक ही राष्ट्र के असली निर्माता हैं। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में फैकल्टीज के मार्गदर्शन एवं मोटिवेशन के लिए आयोजित कार्यक्रम ‘मंथन’ में इंटरनेशनल ट्रेनर, बिजनेस कोच एवं मोटिवेशनल ऑथर डाॅ. उज्जवल पाटनी ने एक सफल इंसान बनने के फंडे बताए।

परिस्थितियों से समझौता नहीं करें
फैकल्टीज को संबोधित करते हुए डाॅ. पाटनी ने कहा कि यदि आप यह सोचते हैं कि इंसान की सफलता परिस्थितियों के बेहतर होने पर मिलती है, तो आप गलत हैं। यदि ऐसा होता तो एक पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाला आदमी ऐसी परिस्थितियों से निकल कर कैसे अंबानी बनता।

यानी हम अपनी वर्तमान परिस्थितियों से समझौता कर लेते हैं, तो एक अच्छे कल की उम्मीद करना ही बेकार हैं। यदि आप ऐसे समय का इंतजार कर रहे हों, जो आपके लिए सकारात्मक और सुखद हो तो ऐसा समय कभी नहीं आएगा। डाॅ. पाटनी ने इस दौरान कई बिजनेस टायकून के उदाहरण दिए जिनके जीवन का लक्ष्य इतना बड़ा था कि चुनौतियां बौनी साबित हुई।

जिम्मेदारी को ऑनरशिप समझें
आप किसी भी बिजनेस या प्रोफेशन में हो, सफलता या असफलता की जिम्मेदारी आपकी खुद की है। किसी भी जिम्मेदारी को ऑनरशिप समझेंगे तो यकीन मानिए, आप कभी गलती नहीं करेंगे। आप सिर्फ यह सोच रखिए कि यह कार्यक्षेत्र आपका है और इसे शिखर पर ले जाने की जिम्मेदारी आपकी है। प्रगति के मार्ग खुद ब खुद खुलते जाएंगे।

ईगो रखने से आप खुद को नष्ट कर देंगे। जिस दिन आपके मन में यह विचार आ गया कि मैं सब कुछ जानता हूं, उसी दिन आपके जीवन में सफलता के द्वार बंद हो जाएंगे। खुद पर विश्वास करें और बहाने बनाना छोड़ें।

जीवन में सफलता के लिए यह चार ए जरूर अपनाएं-

  1. ए- एप्रिशिएटः हमेशा अपने टीम मेम्बर्स के काम की प्रशंसा करें। क्योंकि इससे वो दुगुनी उर्जा से आपके लिए काम करेंगे।
  2. ए- अपोलाॅजीः माफ करने की आदत डालें। यदि आपसे भी कोई गलती हुई तो उसे स्वीकार कर माफी मांगे। इससे आपसी संबंध मजबूत बनेंगे।
  3. ए- एक्नाॅलेजः किसी दूसरे के काम का क्रेडिट खुद नहीं लें। जो काम जिसने किया है, उसका क्रेडिट उसे दें। इससे उसका उत्साह होगा।
  4. ए- एडवाइसः जीवन में सीखने से ज्यादा बेहतर है ज्यादा से ज्यादा सीखना। इसलिए हमेशा दूसरों की सलाह को भी सुनिए।

सेल्फ ऑडिट करें
सेमीनार के अंत में डाॅ. पाटनी ने कहा कि आप सभी को प्रत्येक दिन रात्रि में सोने से पहले खुद का ऑडिट करना चाहिए। जिसमें खुद से दो सवाल करें। आज मैंने ऐसा कौनसा काम किया जो मुझे नहीं करना चाहिए था और दूसरा सवाल कि आज मैंने ऐसा कौनसा काम किया जिस पर मुझे गर्व करना चाहिए। ऐसा निरंतर करिए। इससे आपके जीवन में अवश्य बदलाव आएंगे।