PM मोदी ने लॉन्च की श्रम योगी मान धन योजना, कहा- कामगारों की सेवा में समर्पित

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गांधीनगर। दो दिन के गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गांधी नगर में ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा इस साल के अंतरिम बजट में की गई थी। योजना के लागू होने के बाद अब गुजरात के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और मजदूरों को पेंशन मिलेगी। योजना के तहत इन्हें 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की पेंशन मिलेगी। योजना से असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ कर 11,51,000 लाभार्थियों तक 13,58,31,918 रुपये की धनराशि सीधे पेंशन खातों में ट्रांसफर की।इस योजना को लॉन्च करने के बाद पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम का होस्ट गुजरात है, लेकिन इस कार्यक्रम में इस समय पूरे देश से करीब दो करोड़ लोग तकनीक के माध्यम से शामिल हुए हैं।

आज प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना यानी PMSYM आप सभी के लिए, देश के लगभग 42 करोड़ श्रमिकों, कामगारों की सेवा में समर्पित है। पीएम आगे बोले कि देशभर के सभी कामगार साथी जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों-घरों के निर्माण में जुटे हैं, रेहड़ी-ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं, ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार साथियों को बहुत बधाई।

पीएम बोले कि मुझे ऐहसास है कि देश के करोड़ों गरीबों के मन में ये सवाल रहता था कि जब तक हाथ-पैर चलते हैं, तब तक तो काम भी मिल पाएगा, थोड़ा बहुत पैसा भी मिलेगा, लेकिन जब शरीर कमजोर हो जाएगा तब क्या होगा ? उम्र के उस पड़ाव में, जब आय का कोई साधन न हो, तो वो समय बहुत पीड़ादायक होता है। यही पीड़ा मेरे मन मस्तिष्क में थी। उसी पीड़ा में से इस योजना ने जन्म लिया है – प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना।

पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के नाम पर वोट बटोरने वालों ने 55 साल तक देश में राज किया, लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं बनाई। जिनके लिए गरीबी सिर्फ फोटो खिचवाने का खेल होता है, जिसे कभी भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता उसके लिए गरीबी एक मानसिक अवस्था होती है। हमारे लिए तो गरीबी एक बहुत बड़ी चुनौती है। गरीबी से झूझने के लिए पूरा परिवार खप जाता है।

पीए ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी गरीब, वो चाहे अनपढ़ ही क्यों न हो, वो भी इस योजना से आसानी से जुड़ सकता है। ऐसे श्रमिक जिनकी उम्र 18-40 साल के बीच है और मासिक कमाई 15,000 रुपये से कम है, वो सभी इस योजना से जुड़ सकते हैं। इस योजना का हिस्सा बनने के लिए श्रमिक साथियों को नजदीकी कॉमन सेंटर में जाकर फॉर्म भरना होगा। आपका काम सर्विस सेंटरों पर कुछ ही मिनटों में हो जाएगा। यही तो डिजिटल इंडिया का कमाल है।

पीएम बोले 2014 से पहले देश में जहां लगभग 80 हजार कॉमन सर्विस सेंटर थें, वहीं अब हमारी सरकार में इनकी संख्या बढ़कर के 3,00,000 से ज्यादा हो गई है। अब यही सर्विस सेंटर प्रधानमंत्री मानधन योजना से जुड़ने वाले कामदार साथियों की सहायता करेंगे। मैं देश के उन तमाम परिवारों से आग्रह करूंगा कि अपने घर पर काम करने वाले लोगों को पीएम श्रम योगी मानधन योजना से जुड़ने में मदद कीजिए।

मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी कई योजनाओं शुरू की हैं। अंतरिम बजट में वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेशन योजना शुरू करने का एलान किया था। इस योजना के तहत कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपए की मासिक पेँशन दी जाएगी। इस योजना के बारे में अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है।