उद्यमियों ने जाना उद्योगों में कॉस्ट एकाउंटिंग एवं मैनेजमेंट का महत्व

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कोटा। दी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकॉउन्टेंट्स ऑफ इंडिया, कोटा चैप्टर की ओर से स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटिंग फ़ॉर इंडस्ट्रीज़ तथा कम्पनीज (Applicationability and Advantage) पर पुरुषार्थ भवन में सेमिनार का आयोजन किया गया।

सेमिनार में चैप्टर चेयरमैन सीएमए एस. एन. मित्तल ने कम्पनीज कॉस्ट ऑडिट एवं रिकॉर्ड रूल्स 2014 में आज तक संशोधित नियमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कंपनियां जिनका गत वर्ष का वार्षिक टर्नओवर 35 करोड़ से अधिक है, उन्हें कॉस्ट रिकार्ड्स तथा 100 करोड़ से अधिक पर कॉस्ट अकॉउंटेंट्स से कॉस्ट ऑडिट करना अनिवार्य है। (रेगुलेटरी कम्पनीज में यह सीमा 50 करोड है) मित्तल ने डायरेक्टर्स की कॉस्ट रेकॉर्ड्स रखने की जिम्मेदारी और नियमों के बारे में भी बताया।

मुख्य वक्ता सीएमए विजेन्द्र शर्मा (सेंट्रल कॉउन्सिल मेंबर-आईसीएआई-सीएमए दिल्ली) ने इंडस्ट्रीज में कॉस्ट रिकॉर्ड्स रखने एवं उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यकम में गेस्ट ऑफ हॉनर दी एसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल थे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएल गुप्ता ने बताया की यह सेमिनार इंडस्ट्रीज एवं कम्पनीज के लिये बहुत उपयोगी साबित होगी। चैप्टर सेक्रेटरी सीएमए जय बंसल ने संचालन किया तथा सीएमए तपेश माथुर(ट्रेजरार) ने आभार व्यक्त किया।