अभिनंदन ने पाकिस्तान में घिरते ही क्या किया, जान कर गर्व होगा

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श्रीनगर। वह अभी-अभी एक जलते विमान से कूदे थे। उनका देश पीछे छूट गया था। सामने हाथों में पत्थर लिए खड़ी भीड़ जान लेने पर आमादा थी। इसके बावजूद विंग कमांडर अभिनंदन ने हिम्मत दिखाई। पास में पिस्टल थी, लेकिन निहत्थे लोगों पर वार नहीं किया। चालाकी से भारतीय वायुसेना के जरूरी कागजात चबा गए और पानी में भिगो दिए ताकि दुश्मन मुल्क को कोई गोपनीय जानकारी न मिल सके।

पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ते हुए दुश्मन देश के हाथ लगे विंग कमांडर अभिनंदन की बहादुरी ने देशवासियों के साथ ही पड़ोसी मुल्क को भी उनका मुरीद बना दिया है। पाकिस्तान द्वारा बंदी बनाए जाने के तीन दिन बाद वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन शुक्रवार को भारत वापस आ रहे हैं। गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसकी आधिकारिक घोषणा संसद में की थी।

बता दें कि अभिनंदन का मिग-21 विमान बुधवार को पाकिस्तान के हवाई हमले को रोकने के दौरान क्रैश हो गया था जिसके बाद से उन्हें पाकिस्तानी सेना ने बंदी बना लिया था। इस दौरान उनके विडियो भी सामने आए थे जिसमें वह निडरता और साहस के साथ पाकिस्तानी सेना का सामना करते हुए दिख रहे थे।

विंग कमांडर अभिनंदन को पता चला कि वह पाकिस्तान की धरती पर हैं तो उन्होंने सबसे पहले देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने सीक्रेट डॉक्युमेंट के चार टुकड़े करके निगल लिया और सर्वाइवल किट में मौजूद दूसरे कागजातों को भी एक तालाब में फेंक दिया।

इसके बाद पाकिस्तानी नागरिकों ने उन्हें पकड़ कर सेना के हवाले कर दिया। सेना की कैद में जाने से पहले अभिनंदन ने भीड़ को डराने के लिए हवा में अपनी पिस्टल से फायरिंग भी की थी लेकिन एक नागरिक ने उनके पैर में गोली मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया था।

तालाब से बरामद हुए थे अभिनंदन के कागजात
विंग कमांडर अभिनंदन को तीन पाकिस्तानी नागरिक, मोहम्मद रज्जाक चौधरी, शोएब और रजा ने पीओके के भिंबर जिले स्थित एलओसी से सात किमी दूर हौरान गांव में पकड़ा था। जिस तलाब में अभिनंदन ने कागजात फेंके थे उससे उनके खून और मिट्टी से सने हुए डॉक्युमेंट, एक पिंक कलर की किताब -जिसका टाइटल था- सर्वाइवल ऑन लैंड, एक ब्लू नोटबुक और एक नक्शा बरामद किया गया है।

तीन लोगों ने पकड़ा अभिनंदन को
पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन के अनुसार, पेशे से राजनीतिक कार्यकर्ता 58 साल के मोहम्मद रज्जाक ने बुधवार सुबह पौने नौ बजे हवाई लड़ाई देखी थी। उस समय भारतीय वायुसेना का जेट विमान पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को खदेड़ते-खदेड़ते एलओसी पार कर चुका था। रज्जाक ने जैसे ही अपने घर से कुछ किमी दूर एक पैराशूट उतरते हुए देखा तो उन्होंने अपने दोस्त शोएब, रज्जा और कुछ दूसरे स्थानीय लोगों को कॉल करके मौके पर पहुंचने के लिए कहा।

हवा में फायरिंग कर तालाब में कूद गए
इतने में एक युवक ने बताया कि जगह का नाम किल्लां है। इसपर वहां इकट्ठी भीड़ पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए और अभिनंदन के साथ मारपीट की। अपने बचाव में अभिनंदन ने पिस्तौल निकाल कर हवा में फायरिंग की। आधिकारिक कागजात के अनुसार, उन्होंने अपने कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को निगल लिया और भीड़ से बचकर नजदीक के एक तालाब में कूद गए।

भीड़ ने उन्हें वापस बाहर निकाल लिया और उनके कुछ कागजातों भी बरामद कर लिए गए। एक युवक ने अभिनंदन के पैर में गोली मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया। इसके बाद उन लोगों ने अभिनंदन के साथ मारपीट भी की। थोड़ी देर बाद वहां पाकिस्तानी सेना के छह जवान पहुंचे और अभिनंदन को हिरासत में ले लिया।