भारत की आर्थिक नाकेबंदी में फंसा पाक, बैंकर्स हो गए अपनी ही सरकार के खिलाफ

0
262

नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स(FATF) की नई चेतावनी से पाकिस्तानी बैंकर्स में बेचैनी छाई हुई हैं। FATF की नई चेतावनी से पाकिस्तान के बैंकर्स इतना घबरा गए हैं कि उन्होंने पाकिस्तान सरकार को सुधर जाने के लिए कहा है। बैंकर्स ने Pakistan सरकार से आतंक को फंडिंग करना बंद करने और हवाला जैसे कारोबार से बाज आने के लिए कहा है।

पाकिस्तान के बैंकर्स को डर है कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद को आर्थिक मदद करने की आदत नहीं छोड़ती है तो वे डूब जाएंगे। इन बैंकर्स को इस बात की चिंता सता रही है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो FATF पाकिस्तान को वर्तमान ग्रे सूची से और डाउनग्रेड कर देगा। ऐसा होता है तो Pakistan कहीं का नहीं रह जाएगा, क्योंकि तब पाकिस्तान को विश्व से फूटी कौड़ी तक मदद के रूप में नहीं मिलेगी।

फिलहाल पाकिस्तान की हरकतों की वजह से ही FATF ने उसे ग्रे सूची में डाल रखा है। 17-22 फरवरी तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में FATF की बैठक हुई। बैठक में भारत के नुमाइंदों ने भी शिरकत की और भारत यहां पाकिस्तान को पूरी तरह से घेरने की कोशिश की। इसका परिणाम यह हुआ कि FATF की तरफ से पाकिस्तान को ताजा चेतावनी दी गई।

पाकिस्तान में विदेशी निवेश हो सकता है जीरो
पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक पाकिस्तान के बैंकर्स चाहते हैं कि पाकिस्तान सरकार FATF के बताए रास्ते पर चले ताकि आने वाले समय में पाकिस्तान की आर्थिक हालत पस्त नहीं हो। डॉन में छपी खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान के बैंकर्स समुदाय ने कहा है कि अगर अब FATF की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की जाती है तो यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा साबित होगी।

अगर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालकर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो पाकिस्तान में विदेशी निवेश जीरो हो जाएगा। पाकिस्तान के बैंकर्स ने कहा है कि पाकिस्तान को FATF के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। फ्रांस पहले ही कह चुका है कि वह पाकिस्तान सरकार पर आतंकवाद को फंडिंग नहीं करने के लिए दबाव डालेगा।

पुलवामा हमले के बाद भारत ने शुरू की पाकिस्तान को चौतरफा घेरने की कोशिश
कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के मारे जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान को चौतरफा घेरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत पाकिस्तान को हर मोर्चे पर विफल कर देना चाहता है ताकि पाकिस्तान अगली बार से भारत में आतंकी हमला करने की हिमाकत नहीं कर सके।

इस क्रम में भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है और पाकिस्तान से आने वाले सामान पर 200 फीसदी शुल्क लगा दिया है। इस कारण पाकिस्तान के कारोबारी अपना कोई भी सामान भारत नहीं भेज पा रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान को निर्यात करना भी बंद कर दिया है। इस कारण पाकिस्तान में टमाटर जैसी जरूरी चीज की कीमत 180 रुपए किलो तक पहुंच गई है।