UIT कोटा के पूर्व सचिव मीणा और त्यागी के खिलाफ भ्रष्टाचार की जाँच

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कोटा। प्रॉपर्टी डीलर को फायदा पहुंचाने की एवज में यूआईटी कोटा के पूर्व चेयरमैन रामकुमार मेहता के घूस लेने का मामला सामने आने बाद पता चला कि एसीबी के पास वर्तमान में यूआईटी के करप्शन से जुड़े 12 परिवाद व प्राथमिक जांच लंबित हैं। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के खास माने जाने वाले राज्य सरकार द्वारा नियुक्त यूआईटी के सलाहकार रिटायर्ड आरएएस आरडी मीणा के खिलाफ भी एसीबी में भ्रष्टाचार की जाँच चल रही है। साथ ही पूर्व चेयरमैन रविंद्र त्यागी भी शक के दायरे में हैं।

ये तो वे प्रकरण है, जिनमें सीधे तौर पर मीणा नामजद किए गए हैं। कुछ ऐसे मामले भी जांच में लंबित हैं, जिनमें उनकी भूमिका आ सकती है। हालांकि मीणा ने इन मामलों की जानकारी होने से इनकार किया है। ये मामले तब के हैं, जब पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मीणा कोटा यूआईटी के सचिव थे।

एक-एक कर जब शिकायतें हुई और रिकॉर्ड लेकर एसीबी ने जांच की तो बाद में ये परिवाद व प्राथमिक जांच के तौर पर दर्ज हुए। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के खास माने जाने वाले मीणा की अचानक इस तरह से नियुक्ति से एसीबी के अधिकारी भी हैरान हैं।

क्योंकि आम तौर पर ऐसे अहम पदों पर नियुक्तियों से पहले राज्य सरकार द्वारा संबंधित व्यक्ति के बारे में खुफिया रिपोर्ट ली जाती है। जिसमें उसके चाल चरित्र, आपराधिक व अन्य प्रकरणों, आम शोहरत सभी के बारे में राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी जाती है।

तत्कालीन अध्यक्ष रविंद्र त्यागी की भूमिका की भी जांच
पद का दुरुपयोग कर व्यावसायिक भूखंड संख्या-3 कॉर्नर जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर योजना की नीलामी के दौरान डीएलसी से कम कीमत पर बेचान कर यूआईटी को 19.80 करोड़ रुपए की हानि पहुंचाई। मामले में तत्कालीन अध्यक्ष रविंद्र त्यागी की भूमिका भी जांची जा रही है। इसकी जांच भी एएसपी चंद्रशील के पास है।

जवाहर नगर में यूआईटी द्वारा सिवायचक भूमि पर कॉलोनाइजर व प्राइवेट व्यक्तियों को पट्टे जारी कर राज्य सरकार को हानि पहुंचाई। मामले की जांच कोटा एसीबी के सीआई अजीत बागडोलिया कर रहे हैं।

यूआईटी के पूर्व चेयरमैन मेहता को जेल भेजा
प्रॉपर्टी डीलर को लाभ पहुंचाने के लिए घूस लेने के मामले में एसीबी की रिमांड पर चल रहे कोटा यूआईटी के पूर्व चेयरमैन रामकुमार मेहता को बुधवार को जेल भेज दिया गया। बूंदी एसीबी की टीम ने मेहता को कोटा एसीबी कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने 2 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

जेल में मेहता को 27 नंबर बैरक में रखा गया है। जेल में उनकी नई पहचान कैदी नंबर 967 रहेगी। मेहता की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी पर तर्क करते हुए उनके वकील ने कहा कि मेघानी को यूआईटी द्वारा न तो विकसित भूमि और न ही प्रतिकर दिया है।