ऑल-इन-वन हेल्पलाइन नंबर 112 लॉन्च, जानिए कैसे करेगा काम

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नई दिल्ली। भारत में आखिरकार सिंगल हेल्पलाइन नंबर लॉन्च कर दिया गया है। अमेरिका के ‘911’ की तरह अब भारत में भी इस तरह की इमर्जेंसी सर्विस की शुरुआत कर दी गई है। हेल्पलाइन नंबर-112 को लॉन्च करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार नागरिकों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जिनके लिए कानून में बदलाव किया गया ताकि समयबद्ध तरीके से दोषियों को सजा सुनिश्चित हो।

आज हम यहां आपको बता रहे हैं इस सर्विस से जुड़ी वे सारी बातें जो आपको जाननी चाहिए…इमर्जेंसी रिस्पॉन्स सपॉर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) के तहत हेल्पलाइन नंबर-112 को लॉन्च किया गया है।हेल्पलाइन-112 पुलिस (100), फायर ब्रिगेड (101) और वुमन (1090) हेल्पलाइन नंबरों का इंटीग्रेटेड नंबर है। सिर्फ इस एक हेल्पलाइन के जरिए तीनों ही जगह सहायता मांगी जा सकती है।

16 राज्य और केंद्र प्रशासित प्रदेश जुड़े
अब मदद के लिए लोगों को कई नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एक नंबर से ही उन्हें मदद आसानी से मिल जाएगी।सिंगल इमर्जेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 से मंगलवार को 16 राज्य और केंद्र प्रशासित प्रदेश जुड़ गए। इस नंबर को डायल करने पर परेशानी में फंसे शख्स को तत्काल मदद मिलेगी। जिन 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रणाली शुरू की गई है, उनमें आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, पुडुचेरी, लक्ष्यद्वीप, अंडमान, दादर नगर हवेली, दमन और दीव, जम्मू कश्मीर है।

कैसे करेगा काम
हेल्पलाइन-112 की शुरुआत करने वाला पहला राज्य हिमाचल प्रदेश ही है। यहां नंवबर 2018 में ही इसे लॉन्च कर दिया गया था। अगले साल से देशभर में हेल्पलाइन नंबर 112 सक्रिय हो जाएगा और सिर्फ एक बटन दबाकर कोई भी जरूरतमंद शख्स हेल्पलाइन तक पहुंच सकता है। हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल के करने के लिए शख्स को अपने फोन से 112 नंबर डायल करना होगा या फिर पावर बटन को तीन बार तेजी से दबाकर भी ERC पर पैनिक कॉल के जरिए भी जरूरतमंद शख्स हेल्पलाइन तक पहुंच सकता है।

फीचर फोन में ‘5’ या ‘9’ को लॉन्ग प्रेस करने पर पैनिक कॉल ऐक्टिव हो जाएगी। लोग संबंधित राज्यों के लिए ईआरएसएस वेबसाइट पर भी लॉग इन कर राज्य ईआरसी को इमर्जेंसी ई-मेल या एसओएस अलर्ट भेज सकते हैं। इस सर्विस के लिए 112 इंडिया मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है यह गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है। अमेरिका के ‘911’ की तरह कई इमर्जेंसी सर्विस के लिए यह सिंगल नंबर है।