अब PNB, OBC और आंध्रा बैंक के विलय के संकेत

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर बैंकों की संख्या में कमी का संकेत दिया है। जेटली का कहना है कि देश को इस समय बड़े बैंकों की जरूरत है। जेटली के इस बयान के बाद एक बार फिर बैंकों के विलय पर चर्चा शुरू हो गई है। बैंकिंग सेक्टर में इस बात के कयास लगाए जाने लगे है कि अगले चरण में किन बैंकों का विलय हो सकता है।

वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों की मानें तो बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में विजया बैंक और देना बैंक का विलय पूर्ण होने के बाद बैंकों के विलय के अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों का कहना है कि इस बार पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और आंध्रा बैंक का विलय हो सकता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक के विलय के बाद भी इन बैंकों के विलय को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई थी। 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए वित्त वर्ष 2017-18 तक पंजाब नेशनल बैंक पर 12,283 करोड़, ओबीसी पर 5872 करोड़ रुपए और आंध्रा बैंक पर 3413 करोड़ रुपए का एनपीए था।

देश में इस समय सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंक हैं। इन पर करीब 31 मार्च 2018 तक इन बैंकों पर करीब 89 हजार करोड़ रुपए का एनपीए था। सरकार का मकसद इन बैंकों का विलय करके इनके एनपीए को समाप्त कर इनकी वित्तीय हालत सुधारना है।

हालांकि, बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि मर्जर से बैंकों की हालत में कोई सुधार नहीं आएगा। बैंकों ऑफ बड़ौदा का विलय पूर्ण होने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या घटकर 19 रह जाएगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को बजट बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बोर्ड के साथ बैठक की। बैठक के बाद जेटली ने कहा कि इस समय देश को बड़े बैंकों कि जरूरत है। उन्होंने कहा कि एसबीआई मर्जर से मिले बेहतर अनुभव के बाद हम बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का मर्जर करने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा का मर्जर 1 अप्रैल 2019 से अस्तित्व में आ जाएगा। इससे पहले भारतीय महिला बैंक और पांच एसोसिएट बैंक्स का भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो चुका है।