गुर्जर आंदोलन: दिल्ली-मुंबई और जयपुर रूट की ट्रेनें रद्द

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कोटा। गुर्जर आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारी मलारना रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर बैठे हैं। ऐसे में ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका। दिल्ली-मुंबई के साथ जयपुर रेल मार्ग भी प्रभावित है। यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे अब तक रेलवे को अब तक 17 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है।

समझौता होने के बाद यदि ट्रैक से आंदोलनकारी हटे तो रेल प्रशासन ट्रैक को चैक करने के तीन घंटे बाद संचालन करेगा। पहले लाइट इंजन चलाकर देखा जाएगा, फिर मालगाड़ी चलाई जाएगी। बाद में सवारी गाड़ियों का संचालन होगा। दिल्ली-मुंबई व अन्य रूट पर ट्रेनों के सामान्य होने में 24 से 48 घंटे लगेंगे।

रेलवे ट्रैक जाम होने से कोटा-दिल्ली ट्रेन नहीं चल पा रही। जयपुर भी कोटा से कट चुका है। मुंबई-कोटा से सीधे ट्रेनों का संचालन ठप है। कोटा-जयपुर ट्रेन शुक्रवार को भी नहीं चली। इंदौर-जोधपुर ट्रेन जोधपुर तक नहीं चली। सवाईमाधोपुर में ही ट्रेन टर्मिनेट कर दी। जयपुर- कोटा ट्रेन कोटा नहीं आई। कोटा निजामुद्दीन जनशताब्दी एक्सप्रेस, आगराफोर्ट नहीं चली।

जोधपुर-भोपाल ट्रेन कोटा में ही टर्मिनेट कर दी गई। रतलाम-मथुरा ट्रेन को से कोटा रेलवे स्टेशन पर ही टर्मिनेट कर दिया। भगत की कोठी- मन्नारगुडी ट्रेन, मेवाड़ एक्सप्रेस, श्रीमाता वैष्णो देवी -अहमदाबाद, हावड़ा-बांद्रा, कामाख्या-गांधीधाम ट्रेन कोटा नहीं आई।

हाइवे जाम होने से कोटा-जयपुर व अजमेर बस सेवा ठप
जाम नहीं होने के कारण अजमेर व डायवर्ट मार्ग से बसें जयपुर भेजी जा रही थी, लेकिन 1 बजे के बाद से ही बूंदी के आगे चतरगंज में हाइवे जाम होने के कारण जयपुर व अजमेर की बस सेवा पूरी तरह से बंद हो गई।

कोटा डिपो के मुख्य प्रबंधक जावेद अली ने बताया कि शादी-विवाह के चलते फरवरी के महीने में अच्छा यात्रीभार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन गुर्जर आंदालेन के चलते इस महीने में रोडवेज को यात्री भार कम प्राप्त होने की आशंका है। इसके चलते रोडवेज को काफी नुकसान होगा।