बढ़ी हुई कीमतों का फायदा लेने के लिए सोना बेच रहे लोग

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कोलकाता।गोल्ड की कीमतों में नवंबर के बाद से 9 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है, जिसका फायदा उठाने के लिए लोग बड़े पैमाने पर पुराना गोल्ड बेच रहे हैं। रिफाइनर्स और ट्रेडर्स ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी और फरवरी में पुराने गोल्ड की सप्लाइ में 15 से 20 पर्सेंट बढ़ोतरी हुई है। ट्रेडर्स का कहना है कि नॉन-बैकिंग कंपनियां यानी एनबीएफसी भी गोल्ड की बढ़ी कीमतों का फायदा उठाने के लिए अपने पास रखा डिफॉल्टेड गोल्ड बेच रही हैं।

ऑल इंडिया जेम्स एंड जूलरी डमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन अनंत पद्मनाभन ने बताया, ‘छोटे फाइनेंसर्स, ट्रेडर्स और आम लोग बढ़ी कीमतों का फायदा उठाने के लिए अपने पास रखा अतिरिक्त गोल्ड बेच रहे हैं। हालांकि यह सिर्फ कुछ ही दिनों के लिए है। गोल्ड जब एक बार इस कीमत पर स्थिर हो जाएगा तो लोग फिर इसकी खरीदारी शुरू करेंगे।’ सोमवार को गोल्ड का दाम 33125 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा।

रिफाइनर्स ने बताया कि गोल्ड लोन देने वाली कई एनबीएफसी मार्केट में बढ़ी कीमतों का लाभ लेने के लिए अपने डिफॉल्टेड गोल्ड की बिक्री कर रही हैं। असोसिएशन ऑफ गोल्ड रिफाइनर्स ऐंड मिंट के सेक्रेटरी जेम्स जोस ने बताया, ‘पिछले साल के मुकाबले इस साल जनवरी और फरवरी में ओल्ड गोल्ड की सप्लाइ में 15 से 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली।

यहां तक गोल्ड लोन देने वाली कंपनियां भी ऐसे गोल्ड को बेच रही हैं, जिन पर कस्टमर्स ने डिफॉल्ट किए हैं। फिलहाल यह एक सेलर्स मार्केट में बदल गया है।’पुराने गोल्ड की सप्लाइ से इस साल भी देश के गोल्ड इंपोर्ट में गिरावट की संभावना है। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड की कीमतें अप्रैल के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर हैं। इससे भी गोल्ड इंपोर्ट में गिरावट आई है। बुलियन के इंपोर्ट में गिरावट से देश के वित्तीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।

नार्नोलिया फाइनैंशल अडवाइजर्स की कमोडिटी ऐनालिस्ट सकीना मंदसौरवाला ने बताया कि पिछले महीने से ही गोल्ड प्राइस का रुख सकारात्मक रहा है। यह करीब 1300 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से रेट हाइक को लेकर नरम रुख अपनाने से डॉलर और यूएस यील्ड्स में गिरावट आई है। एफओएमसी पॉलिसी के प्रमुख मेंबर्स 2019 में रेट हाइक के पक्ष में नहीं हैं। दिसंबर में अमेरिकी पीएमआई और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस के आंकड़ों में गिरावट ने कमजोर आर्थिक दृष्टिकोण की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

कॉमट्रेंड्स रिसर्च के डायरेक्टर ज्ञानशेखर त्यागराजन ने बताया कि इन्वेस्टर्स गोल्ड में लॉन्ग पोजिशन बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘आने वाले कुछ महीनों में गोल्ड की कीमतें मजबूत बनी रहेंगी और यह 1350-1365 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती हैं। इस हफ्ते गोल्ड 32,600 से 33,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेंज में ट्रेड कर सकता है।’