चारधाम परियोजना: बादल फटने पर भी नहीं पड़ेगा यातायात पर असर

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नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूरे साल उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा को संभव बनाने वाली चारधाम परियोजना 2020 तक पूरी हो जाने की उम्मीद है।

उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल में कहा कि चारधाम परियोजना के तहत बन रहा 889 किलोमीटर लंबा मार्ग ऐसा होगा कि बादल फटने और बाढ़ आने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी कोई हताहत नहीं होगा और यहां यातायात प्रभावित नहीं होगा। पूरे साल लोग बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सड़क मार्ग से जा सकते हैं।

गडकरी ने भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि चारधाम परियोजना में पारिस्थितिकी और पर्यावरण की पूरी चिंता की गयी है। उन्होंने कहा कि इसके संबंध में अदालतों में कुछ वाद दायर होने की वजह से परियोजना में देरी हुई है और इसके 2020 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।

गडकरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि देश में 83 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबे सड़क नेटवर्क को जोड़ने वाली सागरमाला परियोजना 2022 से पहले पूरी हो जाने की उम्मीद है और इसके पूरा होने के बाद देश में सड़क नेटवर्क की तस्वीर बदल जाएगी।