आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसा सहीराम, मुकदमे की तैयारी में एसीबी

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कोटा। करीब 300 करोड़ की अकूत संपत्ति सरकारी पद पर रहने वाले नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर सहीराम मीणा और उसके परिवार के पास कहां से आई? यह पूरी की पूरी काली कमाई तो नहीं? इसमें कितनी कमाई सरकारी महकमे से मिलने वाली पगार से आई और कितनी कमाई सहीराम ने हाथ काले करके की? एसीबी इसका पूरा हिसाब-किताब लगाने में जुटी है। एसीबी कोटा और जयपुर अब जल्द ही इस मामले में आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज करेगी।

एसीबी टीम पिछले 12 दिनों से सहीराम की संपत्ति का हिसाब-किताब जोड़ रही है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि अब जल्द ही मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा, एसीबी इसके अंतिम चरण में काम कर रही है। गौरतलब है कि एसीबी ने सहीराम और दलाल कमलेश धाकड़ को 26 जनवरी को सरकारी आवास से 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

एसीबी ने अफीम की खेती के पट्टे और मुखिया बनाने की एवज में शिकायत मिलने पर दलाल कमलेश धाकड़ के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया था। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 एवं आईपीसी की धारा 120 दंडनीय अपराध होने से दोनों को गिरफ्तार कर एफआईआर बिना नंबर की दर्ज करने के लिए जयपुर मुख्यालय भेजी गई। जिस पर मुकदमा नंबर 20/19 दर्ज किया गया था।

सहीराम की 300 करोड़ की संपत्ति
सहीराम के पास 212 करोड़ के 106 भूखंड, 25 करोड़ की 25 दुकानें, 5 करोड़ का पेट्रोल पंप, 10 करोड़ का मैरिज गार्डन, 10 करोड़ की सांगानेर में 1.2 हैक्टेयर कृषि भूमि, 15 करोड़ की जयपुर स्थित जगतपुरा की कोठी, 15 करोड़ के मुंबई के पॉश इलाके में स्थित फ्लैट, दिल्ली में दो फ्लैट, जयपुर और कोटा आवास से 2.42 करोड़ नकदी एवं जेवरात मिल चुके हैं।

सहीराम मीणा के अलावा उनकी पत्नी, बेटे, बहू व अन्य पारिवारिक सदस्यों के नाम पर भी संपत्ति दर्ज है। इसके अलावा 40 बैंक खातों-लॉकर, टायर और दूसरी एजेंसी के कागजात भी एसीबी को मिले थे। सिर्फ कुछ सालों से 1.50 लाख मासिक तनख्वाह पाने वाले की इतनी संपत्ति देखकर एसीबी के अधिकारी भी चक्करघिन्नी हो गए थे।