सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘राजस्थान में सरकारी तंत्र ‘सड़’ चुका है’

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में पूरा सरकारी तंत्र ‘सड़’ चुका है। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य में अरावली क्षेत्र में जो लोग अवैध खनन में लिप्त हैं, अधिकारियों के साथ उनका ‘चोली दामन का साथ’ है। पीठ ने प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब किया है। अरावली पहाड़ी क्षेत्र में वनस्पति और वन्य जीवों के नष्ट होने पर नाराजगी जताते हुए शीर्ष अदालत ने राजस्थान सरकार को जमकर फटकार लगाई।

खासकर हाल के विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव के कारण अवैध खनन वाले इलाके में आंकड़ा जुटाने का काम पूरा नहीं होने को लेकर कोर्ट ने नाखुशी जताई। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को 8 फरवरी को अदालत पेश होकर सफाई देने का निर्देश दिया।

पीठ ने पिछले साल 29 अक्तूबर का जिक्र किया जिसमें मुख्य सचिव ने अपने जवाब में कहा था कि करीब 27 फीसदी आंकड़े एकत्र करने का काम पूरा हो चुका है और बाकी काम तीन माह में पूरा हो जाएगा। सरकार के वकील ने कहा कि चुनावों के कारण काम पूरा नहीं हुआ इसलिए कुछ और वक्त चाहिए।

इस पर पीठ ने झल्लाते हुए कहा कि यह क्या है? ऐसे जवाब के साथ कोर्ट में न आए करें। आप क्या कह रहे हैं? यदि चुनाव हो रहे हैं तो क्या तब तक अवैध खनन होता रहेगा? आप ऐसा करना नहीं चाहते, क्योंकि यह आपको सूट करता है। पीठ ने कहा कि यह पूरी तरह से शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में अरावली क्षेत्र में 31 पहाड़ियों के ‘गायब’ होने पर हैरानी जताई थी।