अप्रैल-दिसंबर का राजकोषीय घाटा बजट लक्ष्य के 112.4 फीसद पर पहुंचा

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नई दिल्ली । कम राजस्व संग्रह के चलते राजकोषीय घाटा दिसंबर के अंत में 6.24 लाख करोड़ रुपये रहा जो कि पूरे साल के बजट लक्ष्य का 112.4 फीसद था। सोमवार को सरकारी डेटा के जरिए यह जानकारी सामने आई है।

राजकोषीय घाटा सरकारी खर्च और उसके राजस्व के बीच का अंतर होता है, वह चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से दिसंबर अवधि के दौरान 7.01 लाख करोड़ रुपये रहा। दिसंबर 2017 तक राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 113.6 फीसद रहा था।

सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3 फीसद (या 6.24 लाख करोड़ रुपये) पर रखने का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 3.53 फीसद रहा था।

वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को संशोधित करते हुए जीडीपी का 3.4 फीसद या 6.34 लाख करोड़ रुपये से ऊपर का कर दिया गया। यह इसलिए किया गया क्योंकि छोटे किसानों के लिए आय योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च किया जाना है।

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट सीजीए की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 10.84 लाख करोड़ रुपये रहीं या वित्त वर्ष 2018-19 (दिसंबर तक) के बजट अनुमान का 62.8 फीसद।

बीते वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा बजट अनुमान का 66.9 फीसद रहा था। वहीं टैक्स रेवेन्यू बजट अनुमान का 63.2 फीसद रहा, जबकि बीते वर्ष की समान अवधि में यह 73.4 फीसद रहा था।