अंतरिम बजट की प्रमुख घोषणाएं, जानिए क्या है खास

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    नई दिल्ली। मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का शुक्रवार को आखिरी बजट पेश किया गया। अरुण जेटली की अनुपस्थिति में पीयूष गोयल ने बतौर वित्त मंत्री इसे पेश किया। इसमें 5 लाख तक की करयोग्य आय को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया गया। हालांकि, इससे ज्यादा टैक्सेबल इनकम पर राहत नहीं मिली है। टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी गई है।

    इनकम टैक्स
    तीन करोड़ टैक्स पेयर्स को फायदा पहुंचाने वाले ऐलान

    • 5 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं। डेढ़ लाख रुपए का निवेश करेंगे तो 6.5 लाख की सालाना आय टैक्स फ्री हो जाएगी।
    • स्टैंडर्ड डिडक्शन पहले 40 हजार रुपए था, अब 50 हजार रुपए किया गया।
    • बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस में छूट 10 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए हुई।
    • किराए से होने वाली 2.40 लाख रुपए तक की आमदनी पर टीडीएस नहीं लगेगा। पहले यह सीमा 1.80 लाख रुपए थी।
    • दो करोड़ रुपए तक के कैपिटल गेन पर निवेश की सीमा एक घर से बढ़ाकर दो घर की गई। यह छूट जीवन में एक बार मिलेगी।
    • अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में अगर घर बुक करा रहे हैं तो उसके ब्याज पर मिलने वाली छूट 31 मार्च 2020 तक बढ़ाई गई।
    • दूसरा घर होने पर उसके किराए से होने वाली आय को इनकम टैक्स में दो साल तक दिखाने की जरूरत नहीं है।

    इनकम टैक्स की गणित को समझिए

    • 5 लाख रुपए तक टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं
    • 5 लाख से ऊपर टैक्सेबल इनकम वालों को कोई राहत नहीं

    अगर मेरी सालाना आय 8 लाख रुपए है

    अगर मैं होम लोन पर 2 लाख रुपए ब्याज देता हूंतो मुझे कोई टैक्स नहीं देना होगा
    अगर मैं 1.50 लाख रुपए बचत योजनाओं में निवेश करता हूं
    अगर मैं 50 हजार रुपए एनपीएस में जमा करता हूं

    अगर मेरी सालाना आय 10 लाख रुपए है

    अगर मैं होम लोन पर 2 लाख रुपए ब्याज देता हूंतो बाकी 6 लाख रुपए पर टैक्स की गणना ऐसे होगी
    2.50 लाख तक: कोई टैक्स नहीं
    50000 रुपए: स्टैंडर्ड डिडक्शन
    बाकी 3 लाख की आय पर 30000 रुपए टैक्स लगेगा
    2 लाख की आय पर 5% टैक्स: 10000 रुपए
    1 लाख की आय पर 20% टैक्स: 20000 रुपए
    अगर मैं 1.5 लाख रुपए बचत योजनाओं में निवेश करता हूं
    अगर में 50 हजार रुपए एनपीएस में जमा करता हूं

    * अब तक स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 रुपए था जो अब बढ़कर 50000 रुपए हो जाएगा। यानी 5 लाख रुपए से ऊपर की टैक्सेबल आय पर मात्र 500 रुपए की सालाना राहत मिलेगी।

    किराए और ब्याज से आमदनी पर भी छूट बढ़ी

    पहलेअब
    बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर ब्याज से आय पर टीडीएस में छूट10 हजार रुपए40 हजार रुपए
    किराए से आमदनी पर टीडीएस में छूट1.80 लाख रुपए2.40 लाख रुपए

    अन्य घोषणाएं

    • दो करोड़ रुपए तक के कैपिटल गेन पर निवेश की सीमा एक घर से बढ़ाकर दो घर की गई। यह छूट जीवन में एक बार मिलेगी। 
    • अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम में अगर घर बुक करा रहे हैं तो उसके ब्याज पर मिलने वाली छूट 31 मार्च 2020 तक बढ़ाई गई।
    • दूसरा घर होने पर उसके किराए से होने वाली आय को इनकम टैक्स में दो साल तक दिखाने की जरूरत नहीं है। 

    महज 500 रुपए महीना देकर 12 करोड़ किसानों को साधने की कोशिश

    • 5 एकड़ तक की खेती की जमीन रखने वाले किसानों के खाते में प्रति वर्ष 6000 रुपए डाले जाएंगे। योजना 1 दिसंबर 2018 से ही लागू होगी। यह रकम दो-दो हजार रुपए की तीन बराबर किश्तों में दी जाएगी। पहली किश्त जल्द जारी की जाएगी। योजना पर 75 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
    • प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले सभी किसानों को ब्याज में 2% की छूट और समय पर कर्ज लौटाने पर ब्याज में 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी। इस तरह उन्हें ब्याज में 5% की छूट मिल सकेगी।

    टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा बढ़कर 30 लाख हुई

    • टैक्स फ्री ग्रैच्युटी अब 30 लाख  रुपए तक होगी। पहले 20 लाख की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री थी। पांच साल से ज्यादा नौकरी करने वाले कर्मियों ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है। 

    पेंशन : 10 करोड़ लोगों को साधने की कोशिश

    • असंगठित क्षेत्रों के कर्मियों को 60 साल के बाद हर महीने 3 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी। हर महीने 100 रुपए का योगदान देना होगा।
    • 21 हजार रुपए महीना कमाने वालों को 7000 रुपए का बोनस मिलेगा। पहले 10 हजार रुपए महीना कमाने वालों को 3500 रुपए का बोनस मिलता था।
    • ईपीएफओ किसी श्रमिक की मौत होने पर परिजनों को 2.5 लाख रुपए की जगह 6 लाख रुपए देगा।