घूसखोर डिप्टी कमिश्नर सहीराम को जेल, 30 बैंक खाते सीज

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कोटा । रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए 300 करोड़ की संपत्ति के मालिक नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर डॉ. सहीराम मीणा को जेल भेज दिया गया है। उसे जेल में बैरक नंबर 27 में रखा गया है। जेल में उसे कैदी नंबर 569 के नाम से पहचाना जाएगा। उसे अब 14 दिन तक इसी जेल में रहना होगा। कोर्ट ने उसे बुधवार को 12 फरवरी तक जेल भेज दिया है।

एसीबी टीम ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. सहीराम मीणा एवं दलाल कमलेश धाकड़ की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद बुधवार दोपहर करीब 3 बजे कोर्ट में पेश किया था, जहां एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने मामले की सुनवाई की। इसके बाद उन्होंने मीणा को 12 फरवरी तक जेल भेज दिया।

और भी खाते होने की संभावना
जेल में उसे जब एंट्री करवाई गई तो वो बड़ा मायूस था। अब तक सहीराम व उसके परिवार के 22 बैंक खातों की जानकारी एसीबी को थी, लेकिन बुधवार को 8 नए खातों की जानकारी भी मिली है। अब तक कुल 30 बैंक खाते सामने आ चुके हैं और एसीबी आगे अन्य खातों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं कर रही है। मामले की जांच कर रहे एसीबी अधिकारियों ने बताया कि एसीबी ने सभी 30 खातों को सीज कर दिया है।

पत्नी को भेजा जाएगा नोटिस, जिसके बाद खुलेगा लॉकर
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि सहीराम व परिजनों के कुल दो बैंक लॉकर ही अब तक सामने आए हैं। पहले लॉकर को एसीबी खोल चुकी है, जिसमें 24 लाख का सोना मिला था। दूसरा बैंक लॉकर सहीराम की पत्नी प्रेमलता के नाम का है। एसीबी उन्हें अब नोटिस जारी करेगी और उन्हें बैंक लॉकर खुलवाने के लिए जयपुर एसीबी ऑफिस बुलाएगी। इसके बाद उन्हें बैंक ले जाया जाएगा और उनकी उपस्थिति में लॉकर खुलेगा।

मेडिकल जांच में नॉर्मल
सहीराम हमारे लिए उसी तरह है, जिस तरह दूसरे कैदी। हमने कोई विशेष व्यवस्था उसे नहीं दी और न ही उसने अभी तक हमसे कोई मांग की है। जेल नियमों के तहत जेल में आते ही उसकी सामान्य मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें सबकुछ नॉर्मल है। गुरुवार को उसका डिटेल मेडिकल भी करवाया जाएगा। – सुमन मालीवाल, अधीक्षक, कोटा सेंट्रल जेल