दस्तावेजों में 300 करोड़ की संपत्ति का मालिक सहीराम, फिर भी झूठ

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जयपुर/कोटा । अफीम खेती का मुखिया बनाने की एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए नारकोटिक्स विभाग के डिप्टी कमिश्नर सहीराम मीणा के तेवर एसीबी की गिरफ्त में आने के बाद भी ठंडे नहीं पड़ रहे। जांच में सामने आया कि मीणा ने सरकार को अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया है, उसमें भी झोल है। एसीबी की रेड के बाद अब आयकर विभाग ने भी उसके खिलाफ जाँच शुरू कर दस्तावेज जुटाना शुरू कर दिया है।

उसने सवाईमाधोपुर स्थित अपने गांव में 32 बीघा जमीन और अपने भाई व पत्नी के नाम से दो प्लाॅट दिखा रखे हैं, जबकि सर्च के दौरान मिले दस्तावेजाें में सामने आया कि उसकी पत्नी प्रेमलता, बेटे मनीष, बहू विजयलक्ष्मी व खुद के नाम पर 106 प्लॉट, 25 दुकानें, पेट्रोल पंप, फ्लैट सहित 300 करोड़ की संपत्ति है।

पूछताछ के दौरान एसीबी अधिकारियों को धमकाया- मेरे खिलाफ सीबीआई में भी आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत हुई थी। तब जांच में कुछ भी नहीं मिला। सीबीआई ने मुझे क्लीनचिट दे दी थी। अब भी में पूरा हिसाब दे दूंगा। उधर, रिश्वत के आरोपी डॉ. सहीराम मीणा का डीम्ड सस्पेंशन हो गया है।

असल में सेवा नियमों के तहत 48 घंटे हिरासत में रहने पर लोकसेवक स्वतः ही निलंबित समझा जाता है, उसी के तहत आरोपी को निलंबित माना जा रहा है। हालांकि वित्त मंत्रालय के स्तर से उसके निलंबन आदेश जारी होने की मंगलवार रात तक पुष्टि नहीं हो सकी।

नारकोटिक्स सूत्रों ने बताया कि फिलहाल राजस्थान का अतिरिक्त कार्यभार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के उपायुक्त को सौंपा गया है। उधर, एसीबी जांच कर रही है कि सहीराम के खिलाफ कब सीबीआई में शिकायत हुई थी। इसके अलावा भूखंड, दुकान, जमीन व फ्लैट की बाजार व डीएलसी रेट का निर्धारण भी किया जा रहा है।

सर्विलांस पर दलाल कमलेश से हुई बातचीत का मिलान करने के लिए वॉयस सैंपल देने से सहीराम ने मना कर दिया। इसके खिलाफ एसीबी अब कोर्ट जा सकती है। उधर, मंगलवार को सहीराम की पत्नी के नाम से सीतापुरा स्थित कॉरपोरेशन बैंक में एक लॉकर और चार बैंक खाते मिले। इससे पहले 15 बैंक खाते मिले हैं। लॉकर की जांच के बाद सहीराम, पत्नी प्रेमलता व बेटे मनीष के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।