DHFL पर 31 हजार करोड़ डकारने का आरोप, शेयर 11% गिरे

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नई दिल्ली। शेयर बाजार में डीएचएफएल के शेयर में मंगलवार को 11 फीसदी की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के शेयर में यह गिरावट खोजी पत्रकारिता के लिए जानी जाने वाली वेबसाइट कोबरापोस्ट द्वारा कंपनी के प्रमोटरों पर 31 हजार करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप के बाद आई है।

कोबारापोस्ट ने दावा किया है कि DHFL के प्राथमिक प्रमोटरों और उनकी सहायक कंपनियों ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम देकर लोगों के 31 हजार करोड़ रुपये डकारे हैं। वेबसाइट के मुताबिक, यह घोटाला मुखौटा कंपनियों को सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन के रूप में भारी-भरकम रकम देकर किया गया है। ये कंपनियां डीएचएफएल के अपने प्राथमिक हिस्सेदारों के हैं। रिपोर्ट में हिस्सेदारों के रूप में कपिल बर्धवान, अरुणा वर्धवान और धीरज वर्धवान का नाम लिया गया है।

बीएसई पर मंगलवार को कंपनी का स्टॉक 11 फीसदी की गिरावट के साथ 164.50 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। बाद में, कंपनी का शेयर थोड़ा ऊपर उठा और 8.1 फीसदी की गिरावट के साथ 170.05 रुपये पर बंद हुआ। COBRAPOST ने कहा, ‘मुखौटा कंपनियों को कर्ज देकर डीएचएफएल ने यह सुनिश्चित किया कि इन कर्जों की रिकवरी असंभव होगी, क्योंकि इनके निदेशकों के पास अपनी कोई संपत्ति नहीं है।’

वेबसाइट ने कहा, ‘इस तरह, इस घोटाले से केवल पब्लिक डिपॉजिटर्स, सरकारी क्षेत्र के बैंकों जैसे एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा को नुकसान होगा, क्योंकि इन्होंने डीएचएफएल को क्रमशः 11 हजार करोड़ रुपये और 4 हजार करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। कुछ विदेशी बैंकों और पब्लिक शेयरधारकों/इन्वेस्टर्स ने भी डीएचएफएल को लोन दिया है।’