Raid : IRS के यहां बेनामी प्रॉपर्टी के दस्तावेज एवं करोड़ों की नकदी मिली

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जयपुर/कोटा । नारकोटिक्स विभाग के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा के घर की तलाशी में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को अकूत संपत्ति बरामद हुई है। एसीबी ने कोटा में नारकोटिक्स के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था। इसके बाद जो खुलासा हुआ उससे हर कोई हैरान है।

एसीबी टीम के हेड शरद चौधरी के मुताबिक, सहीराम मीणा के शंकर विहार, जगतपुरा जयपुर स्थित बंगले में 82 प्लॉट के कागजात, जयपुर में अलग-अलग जगह 25 दुकानों के कागजात, मुंबई में एक फ्लैट के कागजात, सांगानेर जयपुर में 1.2 हेक्टेयर कृषि भूमि के दस्तावेज, जयपुर में एक पेट्रोल पंप व एक मैरिज गार्डन के कागजात, लाखों रुपए के सोने चांदी के गहने और 2.26 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश मिला।

इसके साथ ही मीणा के जयपुर स्थित आवास से एक दर्जन से अधिक बैंक खातों की पास बुक भी एसीबी अधिकारियों ने जब्त की है। बैंक खातों और लॉकर्स के बारे में भी अहम जानकारी हाथ लगी है। लॉकर्स में और खातों में कितना माल है, इसकी जानकारी एसीबी अधिकारी खंगालने में जुटे है। एसीबी की सूचना पर मुंबई पुलिस ने भी आईआरएस सहीराम मीणा के मुंबई स्थित फ्लैट पर सर्च की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मालूम हो कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के जयपुर महानिदेशक के निर्देशन में कार्रवाई के तहत कोटा एसीबी के एडिशनल एसपी ठाकुर चंद्रशील के नेतृत्व में एसीबी टीम ने नारकोटिक्स विभाग कोटा के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

इसके बाद सहीराम मीणा के कोटा स्थित निवास पर छापा मारा गया। नारकोटिस के एडिशनल कमिश्नर सहीराम मीणा के घर से चार लाख रुपए की राशि और बरामद हुई। सही राम मीणा से कुल पांच लाख रुपए बरामद हुए।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार चित्तौड़ जिले के कनेरा गांव निवासी कमलेश के पिता से अफीम पट्टे का मुखिया बनाने की एवज में नारकोटिक्स एडिशनल कमिश्नर सही राम मीणा ने पांच लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसके शिकायत उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो कोटा से की।

इसके बाद रिश्वत की राशि लेते हुए सही राम मीणा को ऐसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के एडिशनल एसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि आरोपी सही राम मीणा काफी दिनों से सर्विलांस पर था। और उसकी गतिविधियां संदिग्ध थी इसके बारे में लगातार रिश्वत लेने की शिकायतें मिल रही थी।