आधार में जन्म तिथि सुधार तभी, जब अंतर 3 साल से कम या ज्यादा न हो

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नई दिल्ली। आपको अपने आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि में अगर कोई सुधार करवाना है, तो अब आप उसे दर्ज तिथि से 3 साल कम या ज्यादा ही करवा सकेंगे। UIDAI द्वारा जो सुधार किया जाएगा वो जन्म की तारीख से तीन साल आगे या पीछे किया जाएगा। UIDAI की तरफ से इस नए अपडेशन का नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी का आधार पंजीयन के समय जन्मतिथि 1980 लिखी है, पर उसकी 10वीं की अंकसूची व अन्य दस्तावेज में जन्मतिथि 1983 लिखी है, तो अब नए नोटिफिकेशन के अनुसार सिर्फ 3 साल यानी 1983 ही जन्मतिथि दर्ज कर संशोधित की जाएगी। लेकिन अगर किसी के आधार में जन्म तिथि 1990 है और दस्तावेज में 1995 है, तो संशोधन के बाद 1992 ही लिखा जाएगा।

1 जनवरी से ही आधार में जन्म तिथि दो बार ही सुधरवाने का नियम लागू हुआ था। आधार सेंटर व लोक सेवा केंद्र में एक बार ही सुधार हो सकता है। इसके बाद अगर जन्म तिथि में सुधार के लिए आवेदक को रीजनल सेंटर जाना होगा। वहां दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही अंतिम सुधार हो सकता है।

शिकायतों के बाद बना नियम : यूआईडीएआई अधिकारियों के अनुसार आधार की अनिवार्यता बढ़ने के साथ देश में आधार बनाए गए। इस दौरान देखने में आया कि कई लोगों ने बिना शैक्षणिक दस्तावेज के मतदान पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक के आधार पर अपनी जन्म तिथि लिखवाई है। पर वास्तविकता में उनकी जन्म तिथि अलग है। इसे लेकर कम या ज्यादा उम्र लिखवाने के बाद गड़बड़ी की शिकायतें लगातार आ रही थीं। इसलिए साल में सिर्फ दो बार जन्म तिथि को लेकर अपडेशन वो भी रिकॉर्ड से सिर्फ 3 साल कम या ज्यादा का नियम बनाया गया है।