सोने के बंगले में विराजे ठाकुरजी, दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु

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कोटा। पुष्टि मार्ग वल्लभ सम्प्रदाय में महाराज वल्लभाचार्य की 20 पीढी के 17वें तिलकायत लालन कृष्णास्य बावा के उपनयन संस्कार के महोत्सव पर गुरूवार को भगवान गणेश की स्थापना की गई। वहीं कुलदेवता का पूजन कर बल्लभ कुल की रस्में निभाई गई। इसके बाद दोपहर को ठाकुर जी के विवाह खेल के मनोरथ के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

पुष्टि महोत्सव और उपनयन संस्कार का हिस्सा बनने के लिए देश के सभी राज्यों से श्रद्धालु कोटा आ रहे हैं। वहीं विदेशों से भी वल्लभ सम्प्रदाय के अनुयायी पहुंच रहे हैं। उपनयन संस्कार के तहत श्रीप्रथमेश नगर छप्पन भोग परिसर पर प्रातः गणेश स्थापना की गई तथा कुल देवता का पूजन किया गया। इस दौरान गोबर के गणेश का पूजन किया गया।

इसके बाद मैदा और उड़द के आटे से सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा सेव और बड़ी बनाई गई थी। फिर सौभाग्य की वृद्धि के लिए सुहागिन महिलाओं ने परस्पर सिंदूर से मांग भरी। इस दौरान लालन कृष्णास्य बावा को हल्दी लगाकर रस्म निभाई गई। इसके बाद ढोलक का भी पूजन किया गया। हल्दी, पीले चावल और पान के पत्ते द्वारा लालन कृष्णास्य बावा की नजर उतारी गई। बहूजी ने चक्की और मूसल का पूजन किया।

इसके बाद वृद्धि सभा आयोजित हुई जिसमें बुजुर्गाें के द्वारा कृष्णास्य कुमार को आयुवृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया गया। इस दौरान पाण्डाल में शास्त्रीय संगीत गूंज रहा था तो बाहर बैण्ड बाजे की धुन भी आकर्षित कर रही थी। दोपहर को ठाकुरजी के विवाह खेल के मनोरथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। यहां विवाह का मण्डप सजाया गया था।

ठाकुरजी सोने के बंगले में विराजे थे तो बैण्ड, बाजा, बारात के दृश्य भी जीवंत किए गए। फिजाओं में मंगलगीत और विवाह गीत गूंज रहे थे, पुष्पवर्षा के बीच अटूट रस्मों को दिखाते हुए झांकियां सजाई गई थीं। सोने की हटरी में विराजे अपने आराध्य की अलौकिक छवि को देखकर भक्त स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे। भक्ति में सराबोर श्रद्धालु जय श्री राधे और जय श्री कृष्ण के जयकारों से आसमान गूंजा रहे थे।

उपनयन संस्कार शुक्रवार को
महाराज मिलन गोस्वामी बावा के सेवादार चेतन सेठ ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः 9.30 बजे चोल संस्कार, प्रातः 11 बजे उपनयन संस्कार होगा। जिसके बाद लालन कृष्णास्य बावा को सेवा और दीक्षा का अधिकार प्राप्त हो जाएगा।

इस दौरान पं. जसराज के भांजे रतनमोहन शर्मा द्वारा शास्त्रीय एवं हवेली संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद मध्यान्ह 12 बजे गायत्री उपदेश और दीक्षा का कार्यक्रम होगा। वहीं मध्यान्ह 3 बजे मेघा जनन, सायं 4 बजे कुलदेवता विसर्जन तथा गंगा पूजन होगा तथा शाम को सातों पीठों के आचार्य मोती की हटड़ी में विराजेंगे।

देश विदेश से आने लगे भक्त
लालन कृष्णास्य बावा के गादी तिलक और जनेऊ संस्कार तथा पुष्टि महोत्सव में भाग लेने के लिए देशभर के करीबन सभी प्रान्तों से श्रद्धालु और वल्लभ कुल के वैष्णव पहुंचने लगे हैं। इसके साथ ही विदेशों से भी पुष्टि महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए श्रद्धालु कोटा पहुंच गए हैं। सेवादार चेतन सेठ ने बताया कि शहर में करीबन 25 होटल फुल हो चुकी है।

इसके बाद अभी भी भक्त वैष्णवजन कोटा लगातार पहुंच रहे हैं। लंदन से आए ऋषि लखानी, ललित भाई सोढा, न्यूयाॅर्क से आईं ईश्वरी, कनाड़ा से आईं सान्द्रा, यूएस से मधुसुदनदास और बीना अंजारिया ने बताया कि ठाकुर जी की अलौकिक छटा के दर्शन करने और पुष्टि महोत्सव और लालन बावा के उपनयन संस्कार में सहभागी बनने के लिए कोटा आए हैं। अभी दुबई समेत अन्य देशों से भी भक्तों के आने की सूचना मिल रही है।