ग्रहों की शांति के लिए किया यज्ञ, कुंड़वा भोग के दर्शनों के लिए उमड़े भक्त

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कोटा। पुष्टिमार्ग के प्रथम निधि स्वरूप बड़े मथुराधीश प्रभु के पुष्टि महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को प्रथमेश नगर छप्पन भोग परिसर पर नवग्रह शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान विठ्ठलनाथ महाराज, मिलन गोस्वामी बावा और लालन कृष्णास्य बावा के द्वारा यज्ञ में आहुतियां दी गईं तथा पूर्णाहुति की गई।

वैष्णव सम्प्रदाय के उपाध्याय मयूर हरीश बड़ौदा ने बताया कि यज्ञ के दौरान नवग्रहों का पूजन किया गया। इसके बाद पुण्याह वाचन, वेदोक्त शांति मंत्र के पाठ किए गए। वहीं मथुरा के सनथ कुमार गोस्वामी के पौरोहित्य में 16 पण्डितों के द्वारा यज्ञादि कर्म सम्पन्न कराए गए तथा मथुरा, जतीपुरा, गोकुल के सभी तीर्थ पुरोहितों के द्वारा पूर्णाहुति सम्पन्न कराई गई।

इस अवसर पर मौजूद भक्तों की ओर से ठाकुर जी के जयकारों से आसमान को गूंजा दिया। पाण्डाल में शास्त्रीय संगीत की धुनों पर भजनों की प्रस्तुतियां दी जा रही थीं। शाम को ठाकुर जी के कुंड़वा भोग के दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान भगवान मथुराधीश की महाआरती में भक्तों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

कुंडवा भोग के दर्शन को उमड़े भक्त।

इस अवसर पर शुद्ध देसी घी से निर्मित मठड़ी, बूंदी के लड्डू, मोहनथाल, सीरा, पाटिया, सेव के लड्डू, दलिए की खीर जैसे मिष्ठान्न और व्यंजन 970 कुंडों में रखे गए थे। वहीं विठ्ठलनाथ महाराज, मिलन गोस्वामी बावा और लालन कृष्णास्य बावा के द्वारा ठाकुर जी के चंवर ढुलाए गए। लोक कलाकार हरिहर बाबा के नेतृत्व में चरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

कल के दर्शन
मंगलवार को शाम सेवानुकूल समय पर 6 बजे से मथुरेश भगवान के गोचारण के दर्शन होंगे। जिसमें ठाकुर जी गायों के बीच विराजेंगे। इससे पहले सुबह 7.30 बजे से मंगला के दर्शन होंगे।