कहीं चोरी का तो नहीं खरीद रहे आप सस्ता ब्रांडेड फ़ोन, जानिए वजह

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यदि आप भी किसी दुकान पर जाकर स्मार्टफोन खरीद रहे हैं और आपके कहने पर दुकानदार कम कीमत में आपको नया और ब्रांडेड स्मार्टफोन दे रहा है तो आपको बेहद ही सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि दुकानदार आपको नया नहीं, बल्कि चोरी किया हुआ फोन दे रहा है।

इन सभी फोन को चेन्नई से चोरी किया जा रहा है कि और इन्हें कर्नाटक, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के मोबाइल बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। खास बात यह है कि इनके लिए चोर कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में चेन्नई का ग्रे मार्केट चोरी के स्मार्टफोन के लिए मशहूर हो गया है। स्मार्टफोन को चोरी करके इस बाजार में कोड वर्ड के साथ बेचा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। दरअसल यह चेन्नई का चोर बाजार है।

इस मामले में एक ऐसा शख्स भी सामने आया है जो भगवा रंग की धोती पहनकर किसी बाबा की तरह बाजार में घूमता है लेकिन मौका मिलते ही स्मार्टफोन पर हाथ मार लेता है। इस शख्स का नाम धनपाल है जो ग्रे मार्केट में चोरी के मोबाइल की डीलिंग के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करता है।

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि  वह मोबाइल को (धब्बी) कहता है। चोरी किए और छीने हुए मोबाइल फोन को चेन्नई के बर्मा बाजार में थोक में बेचा जा रहा है। ये लोग चोरों के लिए थक्को कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। धनपाल के मुताबिक चोरी किए हुए फोन को ग्रे मार्केट से बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और यूपी जैसे राज्यों में भेजा जाता है।

चोरों को मिलते हैं 4 रुपये 
रिपोर्ट की मानें तो 10 हजार रुपये वाले एंड्रॉयड फोन के लिए चोरों को 4 रुपये मिलते हैं और इसी पैसे में से चोरों को ब्रोकर को भी पैसा देना होता है। एक ब्रोकर के मुताबिक अधिकतर लोग शराब और गांजा पीने के लिए फोन छीनते हैं। फोन छीनने वालों में कॉलेज के स्टूडेंट भी शामिल हैं।धनपाल ने बताया कि एंड्रॉयड फोन के लिए चोरों को अच्छे पैसे मिलते हैं, क्योंकि इनके लॉक को आसानी से खोला जा सकता है और आईएमईआई नंबर के साथ भी छेड़छाड़ किया जा सकता है।