इस नई तकनीक से स्मार्टफोन में मिलेगी 500Mbps की स्पीड

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नई दिल्ली । देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती Airtel ने टेक्नोलॉजी कंपनी Ericsson के साथ मिलकर भारत का पहला LAA (लाइसेंस असिस्टेड एक्सेस) टेक्नोलॉजी का ट्रॉयल सफलतापूर्वक कर लिया है। इस टेक्नोलॉजी को लाइव LTE नेटवर्क से बेहतर माना जा रहा है।

 LAA ऑपरेटर के लिए एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो फाइबर के जरिए गीगाबिट LTE स्पीड प्रोवाइड करता है। LAA बिना लाइसेंस वाले स्पेक्ट्रम के 5GHz बैंड को लाइसेंस स्पेक्ट्रम के साथ कम्बाइन करके यूजर्स को मोबाइल के जरिए ब्रॉडबैंड स्पीड देता है। ऑपरेटर्स अनयूज्ड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करके इस तकनीक के जरिए यूजर्स को अल्ट्रा-फास्ट स्पीड में इंटरनेट की सेवा प्रदान करता है।

इस ट्रॉयल के दौरान स्मार्टफोन पर इंडोर में 500 Mbps की स्पीड रिकार्ड की गई है। वहीं, आउटडोर में ट्रॉयल के दौरान स्पीड 400Mbps दर्ज की गई। यह ट्रायल दिल्ली-एनसीआर में बेस स्टेशन के 180 मीटर के क्षेत्र में किया गया। Airtel ने एक 5MHz LTE बैंड को 20MHz के अनलाइसेंस्ड स्पेक्ट्रम के साथ एग्रीगेट किया। इन दोनों के अलावा 4CC कैरियर एग्रीगेशन के साथ 4×4 MIMO (मल्टीपल इनपुट- मल्टीपल आउटपुट) और 256 QAM तकनीक को Ericsson रेडियो सिस्टम का ट्रायल किया गया।

Bharti Airtel के CTO (चीफ टेक्नीकल ऑफिसर) रणदीप सेखॉन ने कहा, “Airtel हमेशा से ही अपने ग्राहकों को कटिंग एज नेटवर्क टेक्नोलॉजी को प्रोवाइड कराता आ रहा है। हम Ericsson के साथ साझेदारी करके भारत में LAA ट्रायल कंडक्ट किया है जो 5G और गीगाबिट नेटवर्क के लिए एक बड़ा कदम है। LAA एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो 4G LTE की क्षमता को अन्यूज्ड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करके बढ़ाता है। “