संसद में उठा 10 रुपये के सिक्के न चलने का मामला, जानिए वजह

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नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों से 10 रुपये के कुछ सिक्कों को दुकानदारों या पब्लिक द्वारा स्वीकार न किए जाने की खबरें आती रही हैं। गुरुवार को यह मामला संसद में भी उठा है। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाया।

यादव ने कहा कि बिहार और झारखंड में बहुत से स्थानों पर कुछ तरह के 10 रुपये के सिक्कों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि 10 रुपये के सिक्कों के कुल 14 डिजाइन उपलब्ध हैं, इनके चलते कई बार भ्रम की स्थिति हो जाती है।

बता दें कि यह समस्या केवल इन दो राज्यों में ही नहीं बल्कि है बल्कि यूपी समेत देश के दूसरे हिस्सों से भी सामने आती रहती है। रिजर्व बैंक द्वारा कई बार स्पष्टीकरण देने के बावजूद 10 रुपये के सिक्कों को लेकर लोगों के बीच अभी भी काफी शंकाएं हैं। 10 रुपये के सिक्कों को लेने में लोग अभी भी आनाकानी करते हैं। आलम यह है कि बैंकों के पास अब 10 रुपये के सिक्कों को स्टोर करने की जगह तक कम पड़ चुकी है।

इस साल जनवरी में रिजर्व बैंक ने एक बयान जारी करते हुए कहा था, ‘आरबीआई के यह संज्ञान में आया है कि कुछ जगहों पर लोग और दुकानदार 10 रुपये के सिक्कों को नकली होने की आशंका में लेने से इनकार करते हैं।’ आरबीआई ने स्पष्ट किया था, ‘अभी तक रिजर्व बैंक ने 10 रुपये के सिक्कों की 14 डिजाइन जारी की हैं। ये सभी सिक्के लीगल टेंडर हैं और लेन-देन में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।’