5G आने से कुछ यूं बदल जाएगी आपकी दुनिया, जानिए

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नई दिल्ली। 5G यानी मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं जेनरेशन आने के बाद, ना केवल इंटरनेट स्पीड अपग्रेड होगी बल्कि टेक्नॉलजी की अगली जेनरेशन की भी शुरुआत हो जाएगी। 5G युग में लाखों डिवाइसेज़ डेटा इकट्ठा करेंगी और एक-दूसरे के साथ लेनदेन भी जारी रेहेगा।

आपके फ्रिज़ से लेकर सिक्यॉरिटी सिस्टम तक यानी आपके घर में मौज़ूद हर डिवाइस से आपका फोन कनेक्ट रहेगा। स्मार्ट सिटीज़ और ड्राइवरलैस कारें भी रियलिटी बनेंगी। भारत में 2020 में 5जी नेटवर्क लॉन्च होगा। आइये आपको बताते हैं देश में 5जी नेटवर्क आने के बाद किस तरह ज़िन्दगी बदल जाएगी।

5G क्या है?
कुछ सालों के अंतराल पर, मोबाइल इंडस्ट्री, मोबाइल नेटवर्क को एक नई ‘जेनरेशन’ या ‘G’ में अपग्रेड और रीबिल्ड करती है। 5जी मौज़ूदा एलटीई, 4जी के बाद आने वाला बिल्ड होगा जिसमें मुख्य तौर पर 3 अपग्रेड्स होंगे।

  1. नेटवर्क रिस्पॉन्स में तेजी आएगी और डिले कम होगा।
  2. कम पावर खपत के साथ लंबी बैटरी लाइफ मिलेगी।
  3. तेज स्पीड वाले नेटवर्क पर ज्यादा डेटा ट्रांसफर होगा।

5G नेटवर्क आने के बाद इंटरनेट स्पीड 4G की तुलना में 10 गुना बढ़ जाएगी। एक आम ग्राहक के लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है कि हर जेनरेशन के साथ उसे तेज स्पीड वाले इंटरनेट की सुविधा मिलती है। आपको बताते हैं कि शुरुआत से लेकर अब तक किस तरह मोबाइल नेटवर्क बदला है…

1G नेटवर्क– 42.2mbps
2G नेटवर्क– 14.4mbps
3G नेटवर्क- 3.1mbps
3.5G नेटवर्क- 42.2mbps
4G नेटवर्क- 100mbps
4G/LTE अडवांस्ड- 1000mbps

5G- 10,000mbps
5G आने के साथ ही टेक की दुनिया उसी तरह बदल जाएगी जिस तरह 10 साल पहले 4जी ने बदली थी। 4जी से पहले स्ट्रीमिंग न्यूज़िक और विडियो, नेविगेशन ऐप्स का इस्तेमाल और डिजिटल ट्रांज़ेक्शन करना अभी की तरह आसान नहीं था। जानें उन चीजों के बारे में जिनमें 5जी आने के बाद टेक्नॉलजी के मामले में बड़े बदलाव होंगे।

स्मार्ट सिटीज़
5जी आने के बाद शहरों में अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे ट्रैफिक, वेस्ट मैनेजमेंट और पावर सप्लाई कनेक्ट हो पाएंगे। उदाहरण के लिए, पैदल चलने वाले लोगों और वाहनों की आवाजाही को शहर भर में लगे सेंसर के जरिए मॉनिटर किया जा सकेगा। ऐसा करने से ट्रैफिक लाइट्स ऑपरेट और ट्रैफिक डायवर्ट करने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट होम्स
5जी से लैस स्मार्ट घरों में सिक्यॉरिटी सिस्टम, पावर और पानी की खपत को मैनेज करने में मदद मिलेगी। एक स्मार्ट होम में दूध खत्म होने पर अपने आप ऑर्डर हो जाएगा, आप घर के बाहर रहकर भी लाइट्स को टर्न ऑफ व ऑन कर पाएंगे। इसके अलावा यह आपके हेल्थ से जुड़ी जानकारी भी ट्रैक करेगा और इमरजेंसी की स्थिति में मदद के लिए कॉल भी खुद हो जाएगी।

सेल्फ ड्राइविंग कार
5जी के आने के बाद सेल्फ-ड्राइविंग कार के एआई-कंपोनेंट में सुधार होगा। कार में दिए हजारों सेंसर ज्यादा बेहतर तरीके से आसपास के लाखों डेटा पॉइन्ट को इकट्ठा करेंगे, ताकि इसके कंप्यूटर को ड्राइविंग से जुड़े सटीक फैसले लेने में मदद मिल सके। ड्रोन जैसे रिमोट से कंट्रोल किए जाने वाले वीइकल्स के रियल-टाइम रिस्पॉन्स को 5जी नेटवर्क की तेज स्पीड से काफी बेहतर किया सकेगा।

हेल्थ मॉनिटरिंग
5जी आने के साथ ही स्मार्ट क्लोदिंग और हेल्थ मॉनिटर्स जैसी चीजें रियलिटी बन सकती हैं। हेल्थ डिवाइसेज़ पर लगातार कनेक्ट रहने वाले सेंसर, बीमारी के बारे में इंस्टेंट फीडबैक देंगे और उनसे जुड़ी दवाइयां डिवेलप करने में भी मदद मिलेगी।

इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IoT)डिवाइसेज़
आज अधिकतर ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ टेक्नॉलजी आज स्टैंडअलोन हैं जैसे कि फिटनेस मॉनिटर्स और सिक्यॉरिटी सिस्टम। 5जी नेटवर्क आने के बाद ये IoT एक-दूसरे से कम्युनिकेट कर पाएंगे। 5जी के जरिए लंबी बैटरी लाइफ लो-कॉस्ट सेंसर भी रियलिटी बन पाएंगे।

IoT में ऑफिस स्पेस, सरकारी डिपार्टमेंट्स, हॉस्पिटल और खेती के लिए ऐप्लिकेशन्स होंगे। IoT इंडस्ट्री को उम्मीद है कि 2020 तक ऐसे 50 बिलियन डिवाइसेज़ ऐक्टिव हो जाएंगे।

वर्चुअल और ऑग्युमेंटेड रियलिटी
5जी आने के साथ ही मोबाइल कंप्यूटिंग परफॉर्मेंस सुधरेगी। इसके अलावा एआर और वीआर से जुड़ा अनुभव बदल जाएगा। अल्ट्रा-हाई मीडिया के चलते परफॉर्मेंस और इवेंट्स को व्यू करने का तरीका भी बदल जाएगा।

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