जीवन में सफलता के लिए मेहनती और जिद्दी होना जरूरी : मैरी कोम, वीडियो

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कोटा। यदि आप गरीब हैं तो कभी यह मत सोचिए कि मैं जिन्दगी में कुछ नहीं कर सकता और यदि आप अमीर है तो यह भी मत सोचिए कि मैं सब कुछ कर सकता हूं। प्रतिभा का अमीरी और गरीबी से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि कुछ कर गुजरने और सपनों को साकार करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मेहनती और जिद्दी होना।

सुपर वुमन, सुपर मॉम व छह बार विश्व चैम्पियनशिप में गोल्ड मैडल हासिल कर चुकी दिग्गज महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकोम ने रविवार को लैंडमार्क कुन्हाड़ी स्थित एलन सम्यक कैम्पस के सद्गुण सभागार में छात्राओं में रूबरू हुई। मैरी कोम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत युवाओं का देश है।

अगर हर युवा अपने जीवन में एक बड़ा लक्ष्य चुने और उसे हासिल करने के लिए जुट जाए तो देश में असाधारण परिवर्तन हो सकते हैं। छात्राओं की मांग पर ‘अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू, कहां खत्म’ —— गाने के दो अंतरे भी सुनाए। उन्होने कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

इससे पूर्व कोटा की अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) सुनीता डागा ने मैरीकोम का पुष्पगुच्छ भेंटकर एवं शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। एलन की छात्राओं ने मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति देकर मैरीकोम का स्वागत किया।

हारने पर कैसे खुद को मोटिवेट करते हैं ?
आप कई बार मैच यदि हार जाती है तो खुद को कैसे मोटिवेट करती हैं… इस सवाल के जवाब पर मैरीकोम ने कहाकि मैच और जीवन में सफलता-असफलता, हार-जीत का दौर चलता रहता है। मैं कभी खुद के लिए नहीं, बल्कि मेरे देश के लिए खेलती हूं और जब जीत हासिल होती है तो उस खुशी को मैं बयां नहीं कर सकती।

कई बार हार का सामना करना पड़ता है और दुख भी होता है लेकिन मैं उन कमजोरियों को दूर करने में जुट जाती हूं, जिसकी वजह से हार का सामना करना पड़ा। हार से हतोत्साहित नहीं होना है, बल्कि कुछ सीखना चाहिए।

अपने बेसिक हमेशा क्लीयर रखो
अच्छे और बुरे कोच के प्रश्न पर मेरीकॉम ने कहा कि जीवन में अच्छा और बुरा कोच कुछ नहीं होता। हर कोच आपको कुछ सीखा कर जरूर जाएगा। मेरे जीवन का जो पहला कोच था, वो खुद इंटरनेशनल या नेशनल नहीं, सिर्फ यूनिवर्सिटी लेवल पर खेला हुआ था। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा। हमेशा एक बात ध्यान रखिए कि पढ़ाई हो स्पोर्ट्स, अपने बेसिक हमेशा क्लीयर रखिए।