छिट-पुट हिंसा के बीच 199 सीटों के लिए 74.08 प्रतिशत मतदान

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जयपुर।  राजस्थान की 200 में 199 सीटों पर शाम 5 बजे तक 74.08% मतदान हुआ। अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन होने की वजह से चुनाव टाल दिया गया है। इस चुनाव में पहली बार वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया गया है। सीकर के फतेहपुर में दो गुटों में झड़प के बाद भीड़ ने दो बाइक फूंक दीं। भरतपुर के नगर में मतदान के दौरान हुई चाकूबाजी में एक व्यक्ति घायल हो गया। अलवर के मुंडावर में एक पोलिंग बूथ पर पैरामिलिट्री फोर्सेज ने तीन हवाई फायर किए। शेष प्रदेश में शांतिपूर्वक मतदान हुआ। 

राजस्थान में पाेकरण सीट पर सर्वाधिक वोटिंग 87.45% हुई। पाली में सबसे कम 64.65 प्रतिशत लोग ही वोट डालने निकले। अलवर की रामगढ़ सीट पर प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। वोटिंग प्रतिशत बढाने के लिए राजस्थान में कई जगह दिव्यांग वोटिंग केंद्र और महिला केंद्र बनाए गए थे। झालावाड़ में महिलाओं के लिए स्पेशल पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जिस पर गुलाबी रंग से खास सजावट की गई है। यहां सीएम वसुंधरा राजे ने वोट दिया।

वोट देने के बाद राजे ने कहा कि भाजपा सरकार ने पांच साल विकास के कई काम किए हैं। मुझे विश्वास है कि जनता इसे ध्यान में रखकर मतदान करेगी। चुनाव में नेताओं द्वारा अर्मायादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर वसुंधरा ने कहा कि कांग्रेस व उसके सहयोगी दल ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।   वहीं जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में आ रही है।

2274 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद
मतदान के बाद 2274 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। इनमें 2087 पुरुष एवं 187 महिला प्रत्याशी हैं। चुनाव में कांग्रेस के 194, भाजपा के 199, बसपा के 189, सीपीआई के 16, सीपीआई (एम) के 28 सहित 830 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे।

राज्य में 1951 से अभी तक 14 बार चुनाव हुए। इनमें चार बार भाजपा, एक बार जनता पार्टी और 10 बार कांग्रेस ने सरकार बनाई। 1993 के बाद से हर बार सरकार बदलती रही। इस बार भी कांग्रेस इसी उम्मीद के साथ चुनाव लड़ी है, लेकिन भाजपा का दावा है कि इस बार 25 साल से चली आ रही परंपरा टूट जाएगी।