2274 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में आज हो जाएगा बंद, गणना 11 को

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सीएम राजे, पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट समेत 2274 उम्मीदवार मैदान में

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल एवं उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह, राज्य सरकार में मंत्री गुलाब चंद कटारिया, युनूस खान, राजेंद्र राठौड़, किरण माहेश्वरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. सीपीजोशी, डाॅ. गिरिजा व्यास, लालचंद कटारिया एवं महादेव सिंह खंडेला सहित 2274 प्रत्याशियों का भाग्य शुक्रवार को ईवीएम में बंद हो जाएगा।

मतगणना 11 दिसंबर को होगी। भारत वाहिनी पार्टी के अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी जयपुर की सांगानेर एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल नागौर की खींवसर सीट से भाग्य आजमा रहे हैं। बड़ी संख्या में भाजपा एवं कांग्रेस के बागी भी मैदान में डटे हुए हैं।

इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला सीकर की खंडेला, पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर जयपुर की दूदू,भाजपा सरकार में मंत्री रहे पूर्व मंत्री सुरेंद्र गोयल पाली की जैतारण, राजकुमार रिणवा चूरू की रतनगढ़, हेम सिंह भडाना अलवर की थानागाजी एवं धनसिंह रावत बांसवाड़ा सीट से शामिल हैं।

मेरी राज्य के सभी से मतदाताओं से अपील है कि लोकतंत्र के महाअभियान में हिस्सा ले। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए राज्य के हर मतदाता की जिम्मेदारी है कि वह मतदान केंद्र तक पहुंचकर अपना वोट डाले। अधिकार के साथ सरकार चुनें। -अशोक गहलोत

पहले करें मतदान, बाद में करें दूसरे काम। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए वोट जरूर डालें। आपका हर वोट प्रदेश के विकास और इसके बेहतर भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। शुक्रवार की सुबह राजस्थान के नवनिर्माण का सूरज लेकर आ रही है। सभी मतदाता अपने अधिकार का उपयोग करे। -वसुंधरा राजे

अपने मताधिकार का सदुपयोग करें। बढ़-चढ़कर मतदान करें। इससे प्रदेश का भविष्य तय होने वाला है। ऐसे में सोच समझ कर मतदान करे, जिससे प्रदेश का भविष्य सुनहरा हो सके। ऐसा कोई भी न हो जो मतदान करने से वंचित रह जाए। -सचिन पायलट

मुख्यमंत्री राजे सहित सरकार के 28 मंत्री चुनावी मैदान में
भाजपा के 2 कैबिनेट मंत्रियों को छोड़कर मुख्यमंत्री सहित 28 मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि इनमें से चार मंत्री पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं दो कैबिनेट मंत्रियों की जगह उनके बेटों को टिकट दिए गए हैं। जबकि 60 विधायकों टिकट काटे गए। कांग्रेस व अन्य पार्टियों से आए सात लोगों को भी टिकट दिए हैं।

ये मंत्री लड़ रहे चुनाव
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अलावा कैबिनेट मंत्री गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़, किरण माहेश्वरी, यूनुस खान, डॉ. रामप्रताप, राजपाल सिंह शेखावत, अरुण चतुर्वेदी, कालीचरण सराफ, बाबूलाल वर्मा, श्रीचंद कृपलानी, अजय सिंह किलक गजेंद्र सिंह खींवसर तथा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी,ओटाराम देवासी, सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, कृष्णेंद्र कौर दीपा, अनिता भदेल, पुष्पेंद्र सिंह बाली, सुशील कटारा, अनीता भदेल और सुशील कंवर पलाड़ा। संसदीय सचिवों में लादूराम विश्नोई, भैराराम सियोल, नरेंद्र नागर, कैलाश वर्मा, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, सुरेश सिंह रावत, जितेंद्र गोठवाल, भीमाभाई चुनाव लड़ रहे हैं।

चार मंत्री बागी
टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के करीब 20 से ज्यादा बागी भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें चार मंत्री शामिल हैं। इनमें थानागाजी से हेम सिंह भड़ाना, जैतारण से सुरेंद्र गोयल, रतनगढ़ से राजकुमार रिणवा और बांसवाड़ा से धनसिंह रावत चुनाव लड़ रहे हैं।