वसुंधरा राजे से तिरस्कृत कहार समाज ने कांग्रेस को दिया समर्थन

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कोटा। वसुंधरा राजे से तिरस्कृत कहार समाज ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है।  विगत 10 वर्षो से एसटी में आरक्षण, केवट बोर्ड की स्थापना, प्रत्येक जिले में निशुल्क छात्रावास की भूमि का आवंटन, समाज की नदी तालाबो की पेटाकाश्त भूमि के खातेदारी अधिकार दिलाने आदि मांगों को लेकर कहार समाज आंदोलनरत है।

यह जानकारी  बुधवार को राजस्थान कहार, कीर, भोई, केवट, मेहरा, कश्यप समाज आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक उमा शंकर कहार व अन्य पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होने कहा कि उनके समाज के राजस्थान में 25 लाख से अधिक मतदाता हैं । समाज अधिकांश जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करके मुख्य मंत्री एवं प्रधान मंत्री को कई बार ज्ञापन दे चुका है। परन्तु कहीं पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को लेकर समाज ने झालावाड मिनी सचिवालय पर कई बार धरना, प्रदर्शन, महा पडाव करके ज्ञापन दिया है। 12 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री ने जयपुर में वार्ता के लिए बुलाया था। वार्ता में सीएम ने समाज बंधुओं को बोला कि यह क्या बखेडा खडा कर रखा है।

What is this, I am a chief minister. उसने समाज बंधओं के साथ घमण्ड पूर्वक बात की तथा बोली कि सर्वे करवाकर केवट बोर्ड का गठन करूंगी। मुख्य मंत्री ने समाज को मुकदमों के अलावा कुछ भी नहीं दिया, जिसके कारण पूरे समाज में आक्रोष है। यह आक्रोष 7 दिसम्बर 2018 को मतदान में देखने को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि वे पूर्व मंत्री शांति धारीवाल एवं प्रदेश सचिव नईमुद्विन गुड्डू से मिले थे, उन्होंने आश्वासन दिया है कि कांग्रेस सरकार आने पर केवट बोर्ड गठन का किया जायेगा।  इसके बाद  केवट समाज ने पूरे राजस्थान में 200 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देने का निर्णय लिया।

प्रेसवार्ता में महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष सरिता केवट, प्रदेश सचिव रामचन्द्र कश्यप, संभागीय अध्यक्ष बबलू कहार, संभागीय उपाध्यक्ष रामराज कहार, संभागीय महामंत्री डालचन्द कश्यप, कोटा जिला अध्यक्ष शिवराज कहार, महामंत्री लोकेश केवट, जिला मंत्री रामस्वरूप केवट आदि उपस्थित थे।