कोटा-सवाईमाधोपुर के बीच ट्रेन-18 का 160-170 की स्पीड पर ट्रायल

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कोटा। मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई ट्रेन -18 को शनिवार को कोटा से सवाईमाधोपुर के बीच के 9 किमी क्षेत्र में 160 से 170 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से दौड़ाकर देखा गया। रविवार को ट्रेन को कोटा से सवाईमाधोपुर व कोटा से शामगढ़ के बीच चलाया जाएगा। तेज स्पीड से ट्रेन को चलाए जाते समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है। 

पीडब्ल्यूआई, गेटमैन को अलर्ट किया गया है। अभी तक इस रूट पर 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से राजधानी एक्सप्रेस व अगस्त क्रांति एक्सप्रेस को चलाया जाता है। लेकिन अब इस ट्रैक पर 160 से अधिक स्पीड से चलाया जा रहा है। ट्रॉयल ट्रेन शनिवार को कोटा रेलवे प्लेटफार्म से लगभग 9.45 बजे रवाना हुई।

ट्रेन को 110 किमी सवाईमाधोपुर तक अलग-अलग स्पीड से चलाकर देखा गया। इस दौरान आरडीएसओ की लगभग 15 सदस्यों की टीम ने प्रत्येक स्पीड पर ट्रेन व ट्रैक के स्थिति की मॉनीटरिंग की। ट्रेन को कोटा से रवाना किए जाते समय आगे से स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया। गेटमैनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

रूट पर जिन क्षेत्रों में कैटल रन ओवर के केस अधिक होते हैं उन स्थानों पर रेलकर्मियों को तैनात किया गया। आरडीएसओ टीम में शामिल डीआईआर टेस्टिंग प्रशांत ने LEN DEN NEWS को बताया कि रूट के 9 किमी क्षेत्र में ट्रेन को 160 से 170 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलाई गई है।

इस दौरान कोच के हिलने, स्प्रिंग की स्थिति के देखी गई। उन्होंने बताया कि ट्रेन के कोच में दो तरह की स्प्रिंग लगी है। एक तरह की स्प्रिंग क्वाइल की है। दूसरी एयर सस्पेंशन की है। कोच के कम्पन्न हो भी देखा जा रहा है।

मुरादाबाद -सहारनपुर में हो चुकी है ट्रायल
ट्रेन-18 को कोटा से पूर्व में मुरादाबाद से सहारनपुर तक ट्रेन की ट्रॉयल हो चुकी है। इस रूट पर ट्रेन की गति कम रखी गई थी। इसके बाद स्पीड बढ़ाकर ट्रॉयल करने के लिए दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर स्थित कोटा रेल मंडल को चुना गया है। कोटा रेल मंडल में कोटा से सवाईमाधोपुर व कोटा से शामगढ़ रूट पर ही ट्रॉयल की अनुमति दी गई है।

ट्रेन में लगे हैं 50 से अधिक सेंसर 
आरडीएसओ के डीआईआर प्रशांत ने भास्कर से बातचीत में कहा कि ट्रेन की ट्रॉयल के लिए 50 से अधिक सैंसर लगे हुए हैं। इन सेंसरों से ट्रेन की स्पीड, ट्रैक की स्थिति, कोच का हिलना, कंपन, स्पीड में स्प्रिंग की स्थित, झटकों की मॉनीटरिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि ट्रेन को चलाए जाने से पहले उसकी हर स्पीड से ट्रॉयल की जा रही है। 

पेरा मीटर चैक 
उन्होंने बताया कि फिलहाल डॉटा एकत्रित किया जा रहा है। पेरा मीटर चैक किए जा रहे हैं। ट्रॉयल के बाद आरडीएसओ मुख्यालय लखनऊ में जाकर वहां लगी मशीन में डेटा डाला जाएगा। साथ ही उससे ही ट्रॉयल की रिपोर्ट मिलेगी। किस दिन किस सेक्शन में किस स्पीड से ट्रेन चली। उस समय कोच की स्थिति क्या थी। यह सारी बात सामने आएगी। बाद में रिपोर्ट आरडीएसओ के अधिकारियों को दिखाई जाएगी।