राजस्थान में भाजपा सत्ता में आई तो नहीं चलेगा ‘गोरखधंधा’

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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी अगर राजस्थान में फिर सत्ता में आई तो अनैतिक, बुरे और गलत कामों के लिए ‘गोरखधंधा’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। इतना ही नहीं इस शब्द के इस्तेमाल को दंडनीय अपराध भी बनाया जाएगा। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में मंगलवार को यह ऐलान किया।

इसमें पार्टी की भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया है, ‘अनैतिक बुरे कामों, गलत कामों के लिए गोरखधंधा शब्द को प्रतिबंधित कर दंडित किए जाने का कानून बनाया जाएगा।’ राजस्थान में बीजेपी का घोषणा पत्र मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, प्रकाश जावड़ेकर और राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जारी किया।

घोषणा पत्र समिति के सदस्य ओंकार सिंह लखावत ने इसके पीछे का औचित्य समझाते हुए कहा, ‘गुरु गोरखनाथ एक संत थे और इस शब्द का इस्तेमाल उनके अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है, इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।’

बता दें कि राज्य में नाथ संप्रदाय के लोग अच्छी-खासी संख्या में हैं और उनके अनेक मठ, आसन राज्य में हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि वह अगले पांच साल में नाथ समाज के मठों, आसनों का पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार करेगी। गुरु गोरखनाथ के पुराने योग और तंत्र के अधिष्ठाता के साहित्यिक ग्रथों के लिए लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।

बीजेपी के घोषणा पत्र में यह भी कहा गया है कि गुरु गोरखनाथ के बारे में एक पाठ राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल की किताबों में शामिल होगा और राज्य में गुरु गोरखनाथ का राष्ट्रीय स्मारक बनाने की बात भी इसमें की गई है।

गोरखनाथ एक हिंदू योगी और संत थे, जिन्होंने देश में नाथ संप्रदाय की स्थापना की थी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े केंद्र गोरखनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर हैं। उनके सीएम बनने के बाद इन मंदिरों के प्रति पर्यटकों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।