नया नियम : 2.5 लाख से अधिक का बिजनेस करने वालों के लिए पैन कार्ड जरूरी

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नई दिल्ली। कर चोरी रोकने के लिए आयकर विभाग ने पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन) के लिए मिलने वाला आवेदन फॉर्म में कई बदलाव कर दिए हैं। पांच दिसंबर से होने वाले इन बदलावों के तहत सालभर में 2.5 लाख रुपए से अधिक का बिजनेस करने वाले सभी लोगों को पैन बनवाना जरूरी होगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर जारी सर्कुलर में कहा गया है कि अगले वित्तीय वर्ष में 31 मई से पहले हर उस व्यक्ति को पैन बनवा लेना चाहिए, जो सालाना 2.5 लाख रुपए से ऊपर का व्यापार करता है।

इंकम टैक्स रूल्स 1962 में किए गए नए संशोधनों के अनुसार, कोई व्यक्ति चाहें वह रेसिडेंट हो या व्यक्तिगत के अलावा कुछ और हो, यदि वह एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख या उससे अधिक का वित्तीय लेन-देन करता है और उसे 31 मई के पहले पैन नंबर नहीं मिला है, तो उसे तुरंत इस वित्तीय वर्ष में उसे पालन करना चाहिए।

नया आयकर नियम व्यक्तिगत करदाताओं के लिए नहीं 
नई आईटी विभाग अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि प्रबंध निदेशक, निदेशक, साझेदार, ट्रस्टी, लेखक, संस्थापक, कर्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी या ऐसी संस्थाओं के पदाधिकारी जैसे व्यक्तियों के पास यदि पैन कार्ड नहीं है, तो उनको अगले वित्तीय वर्ष में 31 मई के पहले पैन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहिए।

अब रेसिडेंशिय इंटिटिजी को भी पैन नंबर हासिल करना होगा, भले ही कुल बिक्री या कारोबार एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख रुपए से अधिक न हों। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आयकर विभाग को वित्तीय लेनदेन को ट्रैक करने, कर आधार का दायरा बढ़ाने और कर चोरी को रोकने में मदद मिलेगी।