कच्चे तेल की कीमत सहित 5 मुद्दे तय करेंगे इस हफ्ते बाजार की चाल

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नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से बेहतर वैश्विक माहौल की वजह से घरेलू शेयर बाजार में बहार है। हालांकि, इस हफ्ते घरेलू और वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसे मुद्दे हैं, जिनका बाजार पर गहरा असर पड़ सकता है। निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की बहुप्रतीक्षित बैठक का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें बाजार में नकदी बढ़ाने से लेकर सख्त प्रॉम्प्ट करेक्टिव ऐक्शन (पीसीए) जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

इसके अलावा, निवेशकों की नजरें छत्तीसगढ़ विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान, ब्रेक्जिट से जुड़े मुद्दे, कच्चे तेल की कीमत सहित कई मुद्दों पर टिकी हैं। बीते सप्ताह बीएसई के 31 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 298.61 अंक (0.85 फीसदी) की बढ़ोतरी देखी गई और कारोबारी सत्र के अंतिम दिन यानी शुक्रवार को यह 35,457 पर बंद हुआ।

जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह 97 अंक (0.92 फीसदी) चढ़कर 10,682.20 पर बंद हुआ। अगले सप्ताह बाजार के दोनों सूचकांकों का प्रदर्शन हालांकि इन पांच घटनाक्रम के आधार पर तय होगा। आइए जानते हैं क्या हैं वे पांच मुद्दे।

आरबीआई बोर्ड की बैठक
प्रॉम्प्ट करेक्टिव ऐक्शन, इकनॉनिक कैपिटल फ्रेमवर्क, कैपिटल एडिक्वेसी और एमएसएमई के लिए नकदी की उपलब्धता सहित अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार तथा आरबीआई के बीच क्या कोई समझौते हो पाएगा? इसकी संभावना बेहद कम है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने नियमों में बदलाव का प्रस्ताव किया है, जिससे केंद्रीय बैंक पर निगरानी बढे़गी। अगर इस बात में सच्चाई है, तो दोनों के बीच मतभेद और गहरे होने वाले हैं। ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट में कहा है कि इस घटनाक्रम से निवेशकों का विश्वास दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में कम हो सकता है।

मिडकैप इंडेक्स पर नजर
विश्लेषकों का कहना है कि मिडकैप इंडेक्स को पिछले 5-6 दिनों से जोरदार बिकवाली का सामना करना पड़ रहा है और इसे थामने का हर प्रयास असफल साबित हुआ है। इसलिए, इस सप्ताह मिडकैप इंडेक्स पर नजरें रहेंगी, जिसका बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण
छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को होगा। छत्तीसगढ़ चुनाव के बाद चार राज्यों-मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में भी चुनाव होंगे। तीन राज्यों-छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार सत्तासीन है, इसलिए चुनाव के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।

खशोगी की हत्या की जांच व कच्चा तेल
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का मानना है कि खशोगी की हत्या सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश पर हुई है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेल उत्पादक देशों के साथ संबंधों को साधने का प्रयास जटिल हो सकता है। अमेरिकी सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। वैसे भी सऊदी अरब पहले ही उत्पादन में रोजाना 50 हजार बैरल की कटौती की घोषणा कर चुका है।

ब्रेक्जिट से जुड़ी अनिश्चितता
अधिकांश यूरोपीय बाजार शुक्रवार को इस आशंका के कारण गिरावट के साथ बंद हुए कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थेरेसा मे को उनके यूरोपियन यूनियन डायवोर्स डील के मसौदो को लेकर उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है।

यूरोप में जो कुछ भी होगा, उसका असर यूरो, डॉलर व दुनियाभर की अन्य मुद्राओं पर पड़ना तय है। रुपये में अस्थिरता के कारण हाल में भारत में एफपीआई की तरफ से निवेश प्रभावित हुआ है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता से एक बार फिर रुपये में अस्थिरता आ सकती है, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार पर पडे़गा।