ऐसे करता था वह रेलवे के टिकट की कालाबाजारी, मुंबई में धरा गया

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कोटा। रेलवे सुरक्षा बल कोटा की अपराध शाखा की टीम ने मुंबई के एक बड़े टिकट दलाल को पकड़ लिया है। उसे कोटा लाया गया। मुंबई में वह घर के नीचे ही कार्यालय बनाकर ट्रेनों के टिकटों की दलाली का काम बड़े स्तर पर करता था। टिकट दलाली के मामले में दलाल, उसकी पत्नी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। कोटा में मजिस्ट्रेट के समक्ष टिकट दलाल को पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

आरपीएफ की अपराध शाखा को सूचना मिली थी टिकट दलाल छोटे रेलवे स्टेशनों के कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्रों से बड़े शहरों जैसे मुंबई से शुरू होने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के स्लीपर व एसी कोच के यात्रियों के तत्काल टिकट बनवाते हैं। बाद में उन टिकटों को लिफाफे में बंद कर मुंबई की तरफ जाने वाली ट्रेनों के कोच अटेंडेंट से मुंबई के बड़े टिकट दलालों को भेज देते हैं।

इस सूचना पर आरपीएफ अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राजीव खरब, धर्मेंद्र कुमार, प्रेम सिंह, राजपाल सिंह व अन्य की टीम बनाई गई। टीम के सदस्यों ने कोटा रेल मंडल के गंगापुरसिटी, करौली व सपोटरा में आरक्षण केन्द्रों पर निगाह रखी। 20-25 दिन तक केन्द्र पर आने जाने वालों पर निगाह रखी गई।

इस दौरान यह पता लगा कि तत्काल टिकट के समय कुछ युवक आरक्षण केन्द्रों पर आ-जा रहे थे। उन युवकों पर निगाह रखकर बाद में गंगापुरसिटी रेलवे स्टेशन से करौली निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू व धौलपुर निवासी देवेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया। दोनों टिकट दलाल अमृतसर से मुंबई जाने वाले स्वर्ण मंदिर मेल के कोच अटेंडेंट को टिकट का लिफाफा देने पहुंचे थे।

लिफाफा मुंबई में बड़े टिकट दलाल को पहुंचाना था। आरपीएफ ने उनसे 8 टिकट बरामद किए थे। टिकट की कीमत 30818 रुपए थी। उनसे 21100 रुपए व खाली आरक्षण के फॉर्म भी बरामद किए। पकड़े दलालों ने मुंबई के बड़े टिकट दलालों के बारे में आरपीएफ को बताया तो आरपीएफ ने एक टीम वहां भेजी।

टीम के सदस्यों ने शिवाजी कॉलोनी रोड नंबर एक खेरवाड़ी रोड निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र गुप्ता पुत्र जगदीश प्रसाद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। उसके कार्यालय से रजिस्टर और मोबाइल जब्त किया गया है।

दस साल से कर रहा है टिकटों की दलाली
मुंबई से पकड़े गए बड़े टिकट दलाल की पत्नी के खिलाफ भी मुंबई में टिकट दलाली का केस दर्ज है। इसके अलावा जीतू उर्फ जितेंद्र गुप्ता के खिलाफ टिकट दलाली के 6 केस दर्ज हैं। इसमें बांद्रा रेलवे सुरक्षा में तीन, कुरला में एक, दादर में एक व गोवा में एक केस दर्ज हैं। आरपीएफ की प्रारंभिक जांच में भी पता लगा है कि जीतू उर्फ जितेंद्र गुप्ता पिछले दस वर्षों से टिकटों की दलाली का काम करता है।

वह मुंबई से चलने वाली ट्रेनों के अलावा आसपास के रेलवे स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों के यात्रियों के लिए भी टिकट बनवाकर देता रहा है। प्रत्येक टिकट पर सीजन में टिकट राशि से 2000-3000 रुपए अधिक यात्री से वसूलते हैं।