कांग्रेस में कलह के कारण जारी नहीं हो पाई पहली सूची, आज संभावना

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जयपुर। विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे से पहले ही कांग्रेस में कलह शुरू हो गई। यही कारण रहा कि मंगलवार को सूची जारी नहीं हो पाई। सबसे बड़ा विवाद बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने पर है…खासकर अशोक गहलोत। पार्टी का एक वर्ग चाहता है कि बड़े नेता चुनाव न लड़ें, ताकि वे एक सीट पर ना फंसकर, पूरे राजस्थान में प्रचार कर सकें।

हालांकि, दूसरा वर्ग चाहता है कि सभी दिग्गजों को चुनाव लड़ना चाहिए। विवाद की वजहें और भी हैं। मसलन- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी अपने चहेतों को टिकट दिलाना चाहते हैं।

तीनों अपने-अपने चहेतों को लेकर अड़े हुए हैं। इसी कारण दिल्ली में राहुल गांधी की अध्यक्षता में दो बार हो चुकी केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग में भी प्रत्याशियों की सूची पर सहमति नहीं बन पाई।

इस आपसी कलह की वजह से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुए दो दिन बीत जाने के बावजूद कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट तक जारी नहीं कर पाई है, जबकि भाजपा ने 11 नवंबर को ही 131 प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतार दिया। भाजपा के उम्मीदवारों ने तो नामांकन भरना भी शुरू कर दिया है, जबकि कांग्रेस में टिकट का इंतजार हो रहा है।

कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा पिछले एक महीने से लगभग रोजाना टिकट को लेकर मीटिंग कर रही हैं। हर संभाग के बड़े नेताओं से फीडबैक लेने के साथ ही दावेदारों से भी मिल चुकी हैं।

इसके अलावा प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश के चारों प्रदेश प्रभारियों की ग्राउंड रिपोर्ट, राहुल गांधी के सर्वे सहित तमाम तथ्य स्क्रीनिंग कमेटी के पास हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से कराया गया खुद का सर्वे भी है। इसके बावजूद रामेश्वर डूडी, अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।

इन सीटों पर विवाद
बीकानेर पूर्व, फलौदी, लोहावट, फुलेरा, सांगरिया, हवामहल, मालवीय नगर, खाजूवाला, बांदीकुई, लूणकरणसर, सवाई माधोपुर, टोडाभीम और निवाई आदि सीटों पर विवाद चल रहा है।

दो बार हारे हुए चेहरों पर बड़ा विवाद
विवाद की एक बड़ी वजह युवा और बुजुर्गों को टिकट देने को लेकर है। आलाकमान चाहता है कि युवाआें को ज्यादा मौका दिया जाए। जबकि एक वर्ग पुराने कांग्रेसियों को टिकट देने के पक्ष में है। इन कांग्रेसियों में कुछ तो ऐसे हैं, जो पिछले दो चुनाव लगातार हार रहे हैं और उम्रदराज भी हो चले हैं। ऐसी 30 सीटों पर सहमति नहीं बनी।

महिला प्रत्याशियों का फैक्टर
सूत्रों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी फुलेरा व मालवीय नगर से महिला प्रत्याशी चाहते हैं। मालवीय नगर सीट पर पहले से ही कांग्रेस की मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा चुनाव लड़ चुकी हैं। वे इस बार भी तैयारी में हैं। लेकिन डूडी किसी और की पैरवी कर रहे हैं।