पायलट और गहलोत चुनाव लड़ेंगे या नहीं, फैसला आज

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जयपुर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं? इस पर मंगलवार को फैसला हो सकता है। इस दिन पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी, इसके साथ ही यह तय हो जाएगा कि दोनों कहां से चुनाव लड़ेंगे?

दूसरी ओर, कांग्रेस में टिकटों काे लेकर फंसा पेच सोमवार को राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भी नहीं सुलझ पाया। तकरीबन साढ़े चार घंटे तक चली मैराथन मीटिंग में एक-एक सीट पर सहमति बनाने की कोशिश की गई। बाद में बैठक से बाहर आई स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा ने कहा कि एक दिन का इंतजार और कीजिए।

माना जा रहा है कि कांग्रेस मंगलवार को सूची जारी करेगी। इससे एक दिन पहले रविवार को सीटों को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और अशोक गहलोत से स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा ने अलग-अलग राय ली थी।

सोमवार सुबह चार बजे तक स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक चली, जिसमें लगभग 200 सीटों पर चर्चा की गई। इसमें से 145 सीटों पर सिंगल पैनल और 33 सीटों पर डबल पैनल तैयार किया गया था। इस पर भी केंद्रीय चुनाव समिति में सहमति नहीं बन पाई।

ऐसे में समिति की ओर से 120 सीटों पर ही अंतिम तौर पर मुहर लगा दी है। बताया जा रहा है कि बची हुई सीटों को फाइनल करने के लिए कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की अगली बैठक 15 नवंबर को होगी।

सूची जारी करने में विलंब के दो कारण
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के बीच सीटों पर सहमति नहीं बन पा रही। इसलिए स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से लगातार सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा की ओर से 131 प्रत्याशियों की सूची जारी करने से कांग्रेस को जातिगत रणनीति बनाने का और मौका मिल गया। इसको ध्यान में रखकर पार्टी की ओर से पूरा समय लिया जा रहा है, जिससे भाजपा के सामने मजबूत प्रत्याशी खड़ा किया जा सके।

चुनाव लड़ा तो गहलोत सरदारपुरा और पायलट दौसा-अजमेर से मैदान में : केंद्रीय चुनाव समिति में टिकटों के अलावा यह भी मंथन हुआ कि मप्र की तर्ज पर प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट व पूर्व सीएम अशोक गहलोत चुनाव लड़ें या फिर कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए दोनों हर सीट पर प्रचार करने पर फोकस करें। हालांकि, इसे लेकर पार्टी में दो मत हैं।

यदि राहुल गांधी ने दोनों को ही चुनाव लड़ने के लिए ग्रीन सिग्नल दिया तो पहली सूची में दोनों का नाम आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में अशोक गहलोत अपनी परंपरागत सीट सरदारपुरा से लड़ने की मंशा जता चुके हैं, जबकि पायलट के दौसा, अजमेर, जयपुर या बूंदी जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।